विधान परिषद चुनाव 2026: चार राज्यों की 28 सीटों पर मतदान जारी

उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए मतदान जारी है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, वोटिंग सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। इन सीटों पर स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे।

 

मतदान शुरू

विधान परिषद चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। नागपुर डिविजन में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान शुरू हो गया है। मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लाइनें दिख रही हैं।

 

कर्नाटक सीएम ने की अपील

कर्नाटक सीएम डीके शिवकुमार ने विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के लिए समर्थन मांगा है। सीएम ने एक वीडियो जारी कर कांग्रेस पार्टी के उम्मदीवार को समर्थन देने की अपील की।

यूपी की 11 सीटों पर मतदान जारी

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर मतदान हो रहा है। इनमें 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ डिवीजन ग्रेजुएट्स, वाराणसी डिवीजन ग्रेजुएट्स, आगरा डिवीजन ग्रेजुएट्स, मेरठ डिवीजन ग्रेजुएट्स और इलाहाबाद-झांसी डिवीजन स्नातक सीटें शामिल हैं।

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ डिवीजन टीचर्स, वाराणसी डिवीजन टीचर्स, आगरा डिवीजन टीचर्स, मेरठ डिवीजन टीचर्स, बरेली-मुरादाबाद डिवीजन टीचर्स और गोरखपुर-फैजाबाद डिवीजन टीचर्स सीटें शामिल हैं।

महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव के लिए मतदान जारी

महाराष्ट्र की पांच विधान परिषद सीटों के लिए मतदान जारी है। इन सीटों के लिए 182 उम्मीदवार लाइन में हैं।

कैसे होता है विधान परिषद चुनाव?

शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में तय वोटर को अपनी पहली दूसरी और तीसरी वरीयता के अनुसार वोट करना होता है। पहली वरीयता के लिए वोट का कोटा तय है। यदि कोई उम्मीदवार पहले वरीयता का वोट उतना पा लेता है तो वह चुनाव जीत लेता है। अगर किसी उम्मीदवार को निर्धारित कोटे से अधिक प्रथम वरीयता वोट मिलता है तो उसके अतिरिक्त वोट उसकी दूसरी वरीयता के आधार पर उन उम्मीदवारों में बांट दिए जाते हैं।

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ऐसा भी कई बार होता है कि प्रथम वरीयता का तय कोटा कोई भी उम्मीदवार छू नहीं पता है। वैसे में सबसे कम प्रथम वरीयता वोट पाने वाले उम्मीदवार को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया जाता है और उसके मत पत्रों पर दर्ज दूसरी वरीयता के वोटों को संबंधित शेष उम्मीदवारों के खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता है। यह प्रक्रिया तब तक चलती है, जब तक कि प्रथम वरीयता का आवश्यक कोटा किसी उम्मीदवार को प्राप्त नहीं हो जाए।

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