महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के अंधेरी इलाके में स्थित साकीनाका के एक कबाड़ गोदाम में मंगलवार शाम भीषण आग लग गई। इस हादसे में दो लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग झुलस गए। आग इतनी भीषण थी कि इसे बुझाने में दमकल कर्मियों को छह घंटे से अधिक समय लगा। नगर निकाय के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
आग बुझाने के दौरान घटनास्थल से दो लोगों के बुरी तरह जले हुए शव बरामद किए गए। दोनों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। अधिकारियों के अनुसार, शव उस हिस्से से मिले, जहां एयरोसोल के डिब्बे रखे हुए थे। शवों को पोस्टमार्टम के लिए राजावाड़ी अस्पताल भेज दिया गया है।
हादसे में चार लोग झुलस गए। इनमें दो युवक करीब 20 साल के हैं। आग से झुलसे सभी लोगों को राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, घायलों के शरीर का करीब 10 से 80 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया है। उनका इलाज जारी है।
दमकल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, आग करीब 4,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैल गई थी। इसकी चपेट में 60 से 70 व्यावसायिक इकाइयां और चॉल यानी छोटे आवासीय मकान आ गए। ये इकाइयां जमीन और आंशिक रूप से एक मंजिल वाली इमारतों में थीं। आग से बिजली के तारों और उपकरणों के अलावा कपड़ों का स्टॉक, प्लास्टिक के दाने, कबाड़, लकड़ी का फर्नीचर, खाली एयरोसोल डिब्बे, एलपीजी सिलेंडर और कई मशीनें प्रभावित हुईं। सड़क किनारे खड़े दो दोपहिया वाहन और एक टेंपो भी आग की चपेट में आ गए। दमकल विभाग ने अभी तक आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं किया है। अधिकारियों के अनुसार, घटना की वजह का पता लगाया जाना बाकी है।
दशहरे के दिन मुंबई में आग की दो अन्य घटनाएं
मंगलवार को दशहरे के दिन मुंबई में आग लगने की यह तीसरी घटना थी। इससे पहले कुर्ला इलाके में 13 मंजिला आवासीय इमारत की बिजली की डक्ट में आग लग गई थी। इस घटना में तीन बच्चों समेत नौ लोग घायल हुए थे। वहीं, दक्षिण मुंबई में भुलाभाई देसाई रोड स्थित प्रसिद्ध अमरसंस स्टोर में भी आग लगने की घटना सामने आई थी।







