सुप्रीम कोर्ट की एक विशेष पीठ 21 अक्तूबर को दो महत्वपूर्ण याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। इनमें केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले से जुड़ी याचिका और आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने से रोकने के आरोपों पर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) की याचिका शामिल है।
सीएमआरएल मामले में विजयन और परिवार की याचिकाओं पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीणा टी और उनके पति पीए मोहम्मद रियास की याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगी। ये याचिकाएं कथित कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) रिश्वत मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने की अनुमति से जुड़ी हैं।
केरल हाईकोर्ट ने 15 अक्तूबर को विजयन और उनके परिवार के सदस्यों की अपील दायर करने संबंधी अर्जियां खारिज कर दी थीं। हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी को एफआईआर दर्ज करने से पहले सुनवाई का कानूनी अधिकार नहीं है। इससे पहले हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश ने 9 अक्तूबर को सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) को मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था।
विजयन, वीणा और रियास ने हाईकोर्ट में दलील दी थी कि एकल न्यायाधीश ने एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने से पहले उनका पक्ष नहीं सुना। उन्होंने यह भी कहा था कि जिस याचिका पर आदेश दिया गया, वह जनहित याचिका के स्वरूप में थी और इस पर जनहित याचिकाओं की सुनवाई करने वाली खंडपीठ को विचार करना चाहिए था।
ईडी की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज हुईं एफआईआर
हाईकोर्ट में अपील की अर्जियां दाखिल किए जाने के बाद वीएसीबी की विशेष जांच इकाई-1 ने विजयन और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले में दो एफआईआर दर्ज की थीं।
केरल हाईकोर्ट ने 9 अक्तूबर को राज्य पुलिस को प्रवर्तन निदेशालय की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई जांच और तलाशी के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर केस दर्ज करने की मांग की थी।







