इटली ने मंगलवार को हिंसक प्रदर्शनों पर लगाम लगाने के लिए नए सुरक्षा उपायों की घोषणा की। सप्ताहांत में दंगाइयों ने मिलान के प्रमुख खरीदारी क्षेत्र में तोड़फोड़ की थी। इनमें से कई नाबालिग थे। उन्होंने दुकानों में लूटपाट की और संपत्तियों में आग लगा दी थी। इससे इलाके को नुकसान पहुंचा था।
सरकार के आदेश के तहत प्रदर्शन के दौरान हिंसक गतिविधियों में शामिल होने को नया अपराध बनाया गया है। इसके लिए पांच साल तक की जेल और 20,000 यूरो (22,500 अमेरिकी डॉलर) तक जुर्माने का प्रावधान है। यदि अपराध करने वाले अपना चेहरा ढकते हैं या किसी को चोट पहुंचाते हैं, तो उनकी सजा बढ़ जाएगी।
मेलोनी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई करनी होगी। यदि नुकसान नाबालिगों ने किया है, तो इसके लिए उनके माता-पिता जिम्मेदार होंगे।
इस आदेश को 60 दिनों के भीतर संसद की मंजूरी लेकर कानून बनाना होगा। इसके तहत 14 साल से अधिक उम्र के किसी भी व्यक्ति को अपने कामों को समझने में सक्षम माना जाएगा। जब तक इसके उलट सबूत न हों, यही माना जाएगा। अब तक यह फैसला न्यायाधीश करते थे। प्रधानमंत्री मेलोनी ने यह भी कहा कि सरकार हिरासत केंद्रों में नए बिस्तरों की व्यवस्था करेगी। इसके अलावा, किशोर न्याय व्यवस्था में न्यायाधीशों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
मिलान पुलिस ने कहा कि शनिवार रात हुए दंगों में 2,000 युवाओं ने हिस्सा लिया था। इनमें विदेशी माता-पिता के घर जन्मे और बाद में इतालवी नागरिकता पाने वाले लोगों के साथ-साथ विदेशी नागरिक भी बड़ी संख्या में शामिल थे। सप्ताहांत में गिरफ्तार किए गए करीब 50 लोगों में से 30 से अधिक नाबालिग हैं।







