पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच के लिए सीबीआई की टीम मानसा पहुंच गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात करने के बाद सीबीआई टीम के मानसा पहुंचने की कार्रवाई सामने आई है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की सीबीआई जांच करवाने पर सहमति जताने के बावजूद मंगलवार को आठवें दिन भी उनका अंतिम संस्कार नहीं हो सका। परिवार और इंसाफ कमेटी सभी मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने पर अड़े हैं। परिजनों ने साफ कहा कि जब तक मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के डीजीपी इस्तीफा नहीं देते और उनकी सभी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक संस्कार नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि सरकार के आश्वासन पर भरोसा नहीं किया जा सकता, जांच शुरू होती है या नहीं, यह बाद में देखा जाएगा। इंसाफ कमेटी और परिवार ने मांग की कि नशे के नेटवर्क को तोड़कर नशा तस्करों और उनके पीछे खड़े कथित सियासी गठजोड़ को बेनकाब किया जाए। मंगलवार को धरने में पूर्व सैनिकों, विभिन्न संगठनों और नेताओं ने पहुंचकर समर्थन दिया। कर्नल बाठ की पत्नी जसविंद्र कौर भी धरने में शामिल हुईं।
मानसा के एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्तूबर को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार और उसकी पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। झोटा की हत्या के बाद पूरे पंजाब में आक्रोश फैल गया है। झोटा का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है।







