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श्रद्धा दुबे आखिरकार गिरफ्तार हो गई। 9 अक्तूबर की रात में शिवा शर्मा की मौत की खबर आती है। यह घटना उसी के फ्लैट में हुई थी। इसके बाद से वह फरार हो गई। घटना के अगले दिन 10 अक्तूबर को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई। यह मुकदमा शिवा शर्मा की मां रंजना शर्मा द्वारा दर्ज कराया गया, जिसमें श्रद्धा दुबे के अलावा उनकी बहन और दो अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही श्रद्धा दुबे पुलिस की पकड़ से दूर और फरार हो गईं। जांच के दौरान उनकी गाड़ी सबसे पहले बहराइच के रुपईडीहा इलाके में लावारिस हालत में बरामद हुई।
नेपाल से आगरा तक का सफर और वीडियो वार
शुरुआती जांच में सामने आया कि वह नेपाल से लखनऊ आईं और फिर रातो-रात आगरा के लिए रवाना हो गईं। पुलिस की पकड़ से दूर रहने के लिए वह लगातार वीडियो बनाती रहीं। नेपाल से उनके कई सीसीटीवी फुटेज सामने आए और उन्होंने खुद भी अपने बचाव में दो वीडियो बयान जारी किए। मामला बढ़ता देख उन पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।
पुलिस महकमे पर गिरी गाज
मामला तूल पकड़ने और मुख्य आरोपी के लगातार पकड़ से बाहर रहने के कारण शासन ने सख्त कदम उठाते हुए पुलिस महकमे में बड़े फेरबदल किए। हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया, डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को उनके पद से हटा दिया गया और एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा का भी ट्रांसफर कर दिया गया।
शिवा की मां बोलीं- शातिर दिमाग है श्रद्धा, जल्द हो गिरफ्तारी
शिवा की मां और अलीगंज निवासी रंजना ने फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि उनका कहना है कि श्रद्धा काफी शातिर दिमाग है। पहले उन्हें लगा था कि वह नेपाल में है, जहां से उसे पकड़ना मुश्किल होगा। लेकिन रविवार को एक मीडिया संस्थान को दिए गए उसके इंटरव्यू के बाद सवाल उठता है कि जब मीडिया उस तक पहुंच सकती है तो पुलिस क्यों नहीं।
खुद को बचाने के लिए वीडियो जारी कर रही है श्रद्धा
रंजना का आरोप है कि श्रद्धा खुद को बचाने के लिए वीडियो जारी कर रही है। शिवा अपने दोनों मोबाइल में दिनभर की घटनाएं दर्ज करता था लेकिन उसके फोन अब तक नहीं मिले हैं। रंजना ने आरोप लगाया कि श्रद्धा उनके बेटे को ब्लैकमेल करती थी और साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी।
15 दिन पहले ही हुई थी श्रद्धा से मुलाकात
रंजना के मुताबिक, करीब 15 दिन पहले हजरतगंज स्थित हनुमान मंदिर में उनकी श्रद्धा से मुलाकात हुई थी। बेटे की दोस्त होने के नाते उन्होंने श्रद्धा से उसकी आईडी भी मांगी थी। शिवा पर कर्ज होने की बात पर उन्होंने कहा कि वह व्यवसायी हैं और उनके यहां लेनदेन होता रहता है।
दो घंटे तक बहकाने का आरोप
रंजना का दावा है कि शिवा की मौत के बाद श्रद्धा करीब दो घंटे तक उन्हें इधर-उधर की बातें करके बहकाती रही। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर श्रद्धा निर्दोष है तो वह भाग क्यों गई। रंजना के मुताबिक, श्रद्धा घायल शिवा को पहले एक निजी अस्पताल और फिर लोहिया अस्पताल ले जाने की बात कह रही थी। वह लोहिया अस्पताल पहुंचीं तो श्रद्धा वहां नहीं मिली। इसके बाद उन्हें ट्रॉमा सेंटर बुलाया गया लेकिन वहां पहुंचने तक आरोपी जा चुके थे।