कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गोत्सव पंडाल में भगदड़ की घटना के बाद गिरीश पार्क थाने के प्रभारी अधिकारी सुमित कुमार घोष को पद से हटा दिया गया है। इस हादसे में 19 लोगों की मौत हुई थी। कोलकाता पुलिस के डिटेक्टिव विभाग में तैनात अधिकारी हीरक दलपति को फिलहाल थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की जांच जारी है। इस मामले में गिरफ्तार सात आरोपियों को रविवार को बैंकशाल कोर्ट ने 28 अक्तूबर तक 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने अदालत से 14 दिन की हिरासत मांगी थी।
बचाव पक्ष ने आरोपियों को बताया बाहरी
आरोपियों के वकील एमडी यासिम रहमान ने दावा किया कि सभी आरोपी बाहरी लोग थे और दुर्गा पूजा देखने आए थे। उनके मुताबिक, जब उन्होंने भीड़ में लोगों को परेशान होते देखा तो बचाव कार्य में मदद के लिए आगे आए। वकील ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों की हिरासत एक नवंबर तक मांगी थी, लेकिन अदालत ने उन्हें 28 अक्तूबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
इस बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय निगरानी केंद्रों का दौरा कर भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को मजबूत करने के लिए राज्य पुलिस ने नौ अनुभवी आईपीएस अधिकारियों को भी कोलकाता पुलिस में वापस बुलाया है।





