भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का मुद्दा अब अमेरिका में भी उठा है। भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमीला जयपाल ने मसौदा मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने की खबरों पर चिंता जताई है। उन्होंने भारत में कथित तौर पर लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित करने वाले प्रयासों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया। वॉशिंगटन राज्य से डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद जयपाल ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में अपनी प्रतिक्रिया दी।
चुनाव आयोग के आंकड़ों में कितने नाम हटे?
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से साझा आंकड़ों के मुताबिक, 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर के पहले और दूसरे चरण के दौरान मसौदा मतदाता सूचियों से करीब 7.2 करोड़ नाम हटाए गए। वहीं, तीसरे चरण में 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मसौदा सूचियां प्रकाशित होने के बाद हटाए गए नामों की संख्या 6.16 करोड़ बताई गई है।
नाम छूटने पर दोबारा शामिल कराने का विकल्प
निर्वाचन आयोग ने कहा है कि यदि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान किसी वास्तविक मतदाता का नाम गलती से छूट गया है, तो वह दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के तहत उसे शामिल कराने का अनुरोध कर सकता है। इसके बाद फॉर्म-6 के माध्यम से भी नाम जुड़वाने का विकल्प उपलब्ध है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने का अवसर देना है।







