नैनीताल जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों के शारीरिक विकास के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। अगस्त की पोषण ट्रैकर रिपोर्ट के मुताबिक, पांच वर्ष तक के 44,224 बच्चों की लंबाई और वजन की माप में 7,744 बच्चे उम्र के अनुपात में कम लंबाई वाले मिले। यानी करीब हर छह में से एक बच्चा स्टंटिंग की चपेट में है। वहीं 1,788 बच्चे कम वजन की श्रेणी में दर्ज किए गए। चिंता की बात यह है कि पांच से छह साल के बच्चों में भी कुपोषण के संकेत सामने आए हैं। बता दें कि जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 44,465 में से 44,224 बच्चों की माप की गई थी।
क्षेत्रवार प्रमुख आंकड़े
परियोजना : मापे गए बच्चे : गंभीर स्टंटिंग : गंभीर कम वजन : मोटापा
बेतालघाट 1,359: 167 : 11 : 41
भीमताल 3,339 : 234 : 18 : 39
धारी 1,146 : 74 : 04 : 13
हल्द्वानी ग्रामीण 15,320 : 283 : 26 : 66
हल्द्वानी शहरी 8,034 : 1,379 : 92 : 540
कोटाबाग 2,229 : 150 : 10 : 36
ओखलकांडा 2,208 : 187 : 18 : 56
रामगढ़ 1,532 : 259 : 22 : 78
रामनगर 9,057 : 943 : 80 : 234
कुल 44,224 : 3,676 : 281: 1,103
इन पोषण की होती है जरूरत
गर्भावस्था में पोषण की जरूरत बढ़ जाती है। सामान्य तौर पर दूसरी और तीसरी तिमाही में रोजाना करीब 350 अतिरिक्त कैलोरी की आवश्यकता होती है। इसके अलावा 60 ग्राम प्रतिदिन प्रोटीन, 27-35 मिलीग्राम आयरन, 400-600 फोलिक एसिड, 1000 कैल्शियम, दो से तीन लीटर पानी पीना जरूरी है। इसके अलावा दूध, दही, रागी, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और मेवे नियमित आहार में शामिल करें।
बार-बार गर्भ होने के कारण बच्चों का वजन कम होता है। प्रीमेच्योर डिलिवरी में भी ऐसा होता है। सरकार की ओर से अनुपूरक पोषाहार उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उनके दैनिक भोजन में जिन पोषण की कमी रह जाए, उसकी पूर्ति हो सके। आंगनबाड़ी के माध्यम से सभी महिलाओं तक इसे पहुंचाना सुनिश्चित कराया जा रहा है। लगातार उनकी ट्रेकिंग की जाती है। कई बार गलत खानपान और आदतों के कारण भी बच्चों के वजन पर असर पड़ता है – अनुलेखा बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग नैनीताल





