भारतीय वायुसेना ने एक्सरसाइज तरंग शक्ति 2026 का एक नया वीडियो साझा किया है। वीडियो में अभ्यास में शामिल अलग-अलग देशों के विमान एक साथ उड़ते दिखाई दे रहे हैं। सभी विमान एक साझा फॉर्मेशन में हैं। आसमान में बना यह फॉर्मेशन इस पूरे बहुराष्ट्रीय अभ्यास की तस्वीर सामने रखता है। भारतीय वायुसेना ने इसे विश्वास, सटीकता और आपसी सौहार्द का शक्तिशाली प्रदर्शन बताया है। यानी यहां सिर्फ अलग-अलग देशों के विमान उड़ते नहीं दिख रहे, बल्कि वे एक साथ और एक तय तालमेल के साथ काम करते नजर आ रहे हैं।
तरंग शक्ति में इस बार लड़ाकू विमानों के साथ परिवहन और हवा में ईंधन भरने वाले विमान भी शामिल हैं। विदेशी विमानों में F-35 लाइटनिंग II, राफेल, F-16, A400M, MRTT, C-130, C-130J और KC-30A शामिल हैं। अमेरिकी F-35A लाइटनिंग II की इस अभ्यास में भागीदारी खास तौर पर चर्चा में रही है। यह भारत में किसी अभ्यास में F-35 की पहली भागीदारी है। भारतीय और अमेरिकी विमानों के साथ दूसरे देशों के विमान भी संयुक्त प्रशिक्षण में हिस्सा ले रहे हैं।
यही वह हिस्सा है जो इस अभ्यास की तस्वीर को और बड़ा बनाता है। जर्मनी अपना A400M सैन्य परिवहन विमान लेकर तरंग शक्ति में शामिल हुआ है। जर्मन वायुसेना के कैप्टन मॉरिस बर्न्स ने बताया कि इस बार A400M को बड़े लड़ाकू विमान अभियानों में भी शामिल किया जा रहा है। इसे लार्ज फोर्स एंगेजमेंट कहा जाता है। यानी यह सिर्फ सामान या सैनिकों को ले जाने वाला विमान बनकर अलग नहीं उड़ रहा, बल्कि बड़े लड़ाकू विमान अभ्यास का हिस्सा भी है। बर्न्स ने A400M को जर्मन वायुसेना के राष्ट्रीय बेड़े की रीढ़ बताया है। उनके मुताबिक यह भारी मालवाहक विमान है और सामरिक तथा लॉजिस्टिक दोनों तरह के मिशन कर सकता है।
कैप्टन बर्न्स के मुताबिक, भारत में उड़ान भरना जर्मन वायुसेना के लिए सीखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने बताया कि जर्मन दल को भारतीय वायुसेना की योजना बनाने की प्रक्रिया को समझने का मौका मिला। बड़े हवाई अभ्यासों में किस तरह काम किया जाता है, इसका भी अनुभव मिला। उनके मुताबिक इस अभ्यास से भारतीय और जर्मन लड़ाकू विमानों तथा परिवहन विमानों के बीच तालमेल बढ़ा है। यही तरंग शक्ति का एक अहम मकसद भी है। अलग-अलग वायुसेनाएं साथ काम करें, एक-दूसरे की क्षमता समझें और संयुक्त अभियानों के दौरान बेहतर तालमेल बना सकें।
क्या सिर्फ विमान ही उड़ा रहे हैं सभी देश?
अभ्यास का दायरा सिर्फ उड़ान तक सीमित नहीं है। इसमें संयुक्त प्रशिक्षण के साथ-साथ हवाई सुरक्षा और संचालन की प्रक्रियाओं को समझना भी इसका हिस्सा है। अभ्यास में पेशेवर बातचीत के अलावा सेमिनार, औद्योगिक दौरा, सेखों मैराथन, विरासत स्थलों का दौरा और योग सत्र जैसी गतिविधियां भी रखी गई हैं। तरंग शक्ति का पहला संस्करण 2024 में हुआ था। 2026 का यह संस्करण उसी सिलसिले को आगे बढ़ा रहा है।






