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पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव की सियासी बिसात धीरे-धीरे सजने लगी है। आप और भाजपा के बाद अब शिरोमणि अकाली दल (शिअद) भी छह अक्तूबर से डोर-टू-डोर अभियान के जरिये मैदान में उतर रहा है। शिअद ने सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ जनसंपर्क अभियान चलाने का कार्यक्रम बनाया है।
तीन प्रमुख दलों की चुनावी सक्रियता के बीच अब कांग्रेस की रणनीति पर नजर है। गुटबाजी से जूझ रही कांग्रेस कब और किस रणनीति के साथ अपना चुनावी अभियान तेज करती है, यह पार्टी के लिए अहम होगा।
राजा वड़िंग की जगह परगट सिंह को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपकर हाईकमान ने उनके सामने संगठन को एकजुट करने और चुनावी तैयारी को गति देने की चुनौती रखी है। परगट नेताओं से मुलाकात कर उन्हें साथ लेने की कोशिश में जुटे हैं।
2022 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 18 सीटें मिली थीं, जबकि 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी ने पंजाब की 13 में से सात सीटें जीती थीं। अब कांग्रेस के सामने लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन को विधानसभा चुनाव की तैयारी में बदलने की चुनौती है।