सम्मान: इस्राइल में कैप्टन स्मित को मिलेगा खास सम्मान,पीएम मोदी के साथ भारतीय पायलट आमंत्रित

इस्राइली की आजादी के जश्न में इस वर्ष भारतीय पायलट स्मित मच्छार भी शरीक हो सकते हैं। कैप्टन स्मित के सम्मान में इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वे इस्राइल में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कैप्टन स्मित और पीएम मोदी को सेलिब्रेट्री फ्लेम जलाने / थामने के लिए आमंत्रित करते हैं। नेतन्याहू ने अस्पताल में इलाज करा रहे भारतीय पायलट से बात भी की। इस्राइल की आजादी से जुड़े विशेष आयोजन में आम तौर पर इस्राइली नागरिक ही फ्लेम को थामने का गौरव हासिल करते हैं, लेकिन इस वर्ष नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को यह सम्मान देने का एलान किया है।

पीएम नेतन्याहू ने स्मित से फोन पर क्या कहा?

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने बताया, ‘हमले से पहले सह-पायलट प्रार्थना करना चाहता था, इसलिए सम्मान के तौर पर मैंने अपना चेहरा दूसरी तरफ कर लिया।’ हमले के खौफनाक लम्हों को याद करते हुए कैप्टन स्मित ने कहा कि चंद मिनटों के बाद उनके सिर के पिछले हिस्से पर जोरदार प्रहार हुआ। हमले का सिलसिला जारी रहा। शुरुआत में लगा कि विमान में कोई बहुत बड़ी तकनीकी खराबी आ गई है, लेकिन जब लगातार वार होते रहे तब उन्हें अहसास हुआ कि कॉकपिट के अंदर मौजूद दूसरा शख्स ही उन पर हमला कर रहा है। सिर पर लगातार प्रहार से उनकी नजरें पूरी तरह धुंधली हो गईं। इसी बीच विमान तेजी से नीचे की ओर गोता लगाने लगा।

 

 

लड़ने की एक आखिरी ताकत

कैप्टन मच्छार ने नेतन्याहू को बताया कि सह पायलट ने शुरुआत में उन्हें कॉकपिट का दरवाजा खोलने से रोकने की कोशिश की। लेकिन जमीन पर पड़े होने के बावजूद उन्होंने सोचा, मेरे अंदर अभी लड़ने की एक आखिरी ताकत बची है, अगर मैं यह नहीं करता, तो मैं मर जाऊंगा। अपनी पूरी ताकत लगाकर उन्होंने आखिरकार कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद बाहर खड़े यात्री और क्रू मेंबर्स अंदर कूदे और हमलावर को काबू में कर लिया।

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स्वस्थ होकर अतिथि के तौर पर आएं, इस्राइल आभारी: नेतन्याहू

बातचीत के दौरान पीएम नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से कहा, ‘आपका साहस और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी शांत रहने की क्षमता अद्भुत है। आपने कई जिंदगियां बचाईं… आपने दुनिया में मानवता की भावना को बचाया। नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार से कहा, आप भारत और इंस्राइल के लोगों के सच्चे हीरो हैं। आप पूरी दुनिया के हीरो हैं। नेतन्याहू ने मच्छार से कहा कि जब वह स्वस्थ हो जाएंं तो अतिथि के तौर पर इस्राइल आएं। इस्राइल देश उनका आभारी है। सूत्रों के मुताबिक नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्राइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है। बता दें कि इस्राइल का स्वतंत्रता दिवस 14 मई को मनाया जाता है।

 

 

क्यों चर्चा में है स्मित का साहस?

गौरतलब है कि कैप्टन स्मित फ्लाईदुबई के उस विमान में सवार थे, जो दुबई से तेल अवीव जा रहा था। इस विमान को ओमान का सह-पायलट क्रैश कर 170 से अधिक लोगों की जान लेना चाहता था। ओमान के पायलट ने उड़ान के दौरान कॉकपिट के भीतर कैप्टन स्मित पर चाकू से जानलेवा हमला किया। भारतीय पायलट ने इस नाजुक मौके पर भी अपना हौसला नहीं गंवाया। अपनी जान की परवाह किए बिना कैप्टन स्मित ने ओमान के पायलट का मुकाबला किया। विमान में सवार यात्रियों ने कॉकपिट का दरवाजा खुलने पर ओमान के पायलट को अपने कब्जे में लिया। इसी उड़ान में यात्रा कर रहे शख्स यानिव ने अपनी कुशलता का परिचय देते हुए विमान को नियंत्रित करने के बाद सकुशल सऊदी अरब में लैंड कराया। प्रधानमंत्री नेतन्याहू और यानिव की मुलाकात की तस्वीर भी सामने आ चुकी है।

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रडर टूटने के बाद हुई इमरजेंसी लैंडिग हैरान करने वाली क्यों?

गौरतलब है कि सऊदी अरब में विमान की आपातकालीन लैंडिंग के बाद विमानन विशेषज्ञों ने हैरानी भी प्रकट की। दरअसल, विमान की तेज गति के कारण उड़ान के नियंत्रण में काम आने वाले यंत्र रडर (rudder) का एक हिस्सा टूट चुका था। ऐसे हालात में विमान के क्रैश होने का खतरा होता है। विमान कंपनी- फ्लाईदुबई की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक विमान में यात्रा कर रहे चालक दल के सदस्यों ने विमान को स्थिर करने के बाद सुरक्षित लैंडिंग में मदद की। सुरक्षा कारणों से उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

दूसरे विमान से वतन भेजे गए फ्लाईदुबई की उड़ान में सवार इस्राइली नागरिक

सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग के बाद भारतीय कप्तान स्मित मच्छार और सह-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात ले जाया गया। विमान में सवार अधिकांश यात्री इस्राइली थे। बुधवार को उन्हें एक अलग विमान से अपने उनके वतन भेजा गया। सकुशल घर लौटने के बाद यात्रियों के भावुक परिजनों ने नम आंखों के साथ उनका स्वागत किया था।

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