दिल्ली में पकड़ा गया विदेश भेजने वाला फर्जी ऑफिस: 19 पासपोर्ट, 10 एटीएम और सोना बरामद, 46 लोगों से हुई ठगी

दिल्ली पुलिस ने इजराइल और इराक के वीजा और विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर कम से कम 46 लोगों से कथित तौर पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर उसके सरगना और एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है।

 

शातिरों में एक बंगाल तो दूसरा संगम विहार का 

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी अबीर पोइलान (45) और दिल्ली के संगम विहार निवासी मुस्तकीम (38) के रूप में हुई है। दोनों कथित तौर पर नेताजी सुभाष प्लेस स्थित एक कार्यालय से डायनेमिक ओवरसीज के नाम पर गिरोह चला रहे थे।

इस्राइली का वीजा 1.70 लाख तो इराक का दे रहे थे 70 हजार में
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक अगस्त को सुभाष प्लेस थाने में आयोजित जन सुनवाई के दौरान मिली शिकायत से मामले का खुलासा हुआ। आरोपियों ने कथित तौर पर इस्राइली का वीजा दिलाने के लिए प्रति व्यक्ति 1.70 लाख रुपये और इराक के वीजा के लिए 70,000 रुपये लिए और विदेश में नौकरी दिलाने का वादा किया।

 

पोइलान के पास मिले 19 पासपोर्ट
पुलिस ने बताया कि पोइलान को गिरफ्तार किया गया और पुलिस हिरासत के दौरान उसके पास से कथित तौर पर ठगी की रकम से खरीदे गए 31 ग्राम सोने के सिक्के बरामद किए गए। उसके पास से 19 पासपोर्ट, पांच मोबाइल फोन, तीन कंप्यूटर, एक रंगीन प्रिंटर, भुगतान से संबंधित दस्तावेज और डायनेमिक ओवरसीज की मुहरें भी बरामद की गईं।

सोने के गहने भी बरामद
अधिकारी ने बताया कि पुलिस एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) से सोने के बदले कथित तौर पर लिए गए ऋण की भी जांच कर रही है। पोइलान द्वारा गिरवी रखी गई दो सोने की अंगूठियां, एक सोने की चेन और एक जोड़ी सोने की बालियां भी बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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मुस्तकीम के पास मिले 10 एटीएम कार्ड
पुलिस के अनुसार, ग्राहकों की रसीदों और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, ताकि पैसों के पूरे लेन-देन का पता लगाया जा सके। मुस्तकीम के पास से दो सोने की चेन बरामद की गईं। पुलिस ने बताया कि उसके पास छह मोबाइल फोन, 10 एटीएम कार्ड और तीन पासपोर्ट भी मिले, जिनमें दो नेपाल के नागरिकों के थे।

पोइलान पर पहले भी मामला दर्ज
पुलिस ने कहा कि बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, एटीएम कार्ड, पासपोर्ट और वित्तीय दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि आरोपियों की भूमिका स्पष्ट की जा सके, उनके अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा सके और कथित ठगी की शेष रकम का पता लगाया जा सके। पुलिस के मुताबिक, पोइलान के खिलाफ वर्ष 2020 में गोविंदपुरी थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था, जबकि मुस्तकीम का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

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