शूटिंग में भारत को एक और गोल्ड आ चुका है। नीरू ढांडा ने इतिहास रच दिया है। वह महिलाओं की शॉटगन ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतने या यूं कहें कोई पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। उन्होंने फाइनल में 30 में 28 शॉट सटीक निशाने पर लगाए। चीन की यूनॉन्ग सुन ने 26 के स्कोर के साथ रजत जीता। इसी के साथ नीरू ने एशियन रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। वह इस एशियाड में किसी व्यक्तिगत स्पर्धा में सोना जीतने वाली पहली खिलाड़ी भी बन गईं। नीरू का यह इस एशियाड में दूसरा पदक रहा। व्यक्तिगत स्पर्धा से पहले उन्होंने महिला ट्रैप टीम इवेंट में आशिमा और मनीषा के साथ रजत जीता था।
नीरू का 28 का स्कोर सिर्फ स्वर्ण पदक जीतने तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने इस प्रदर्शन के साथ एशियन रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले महिलाओं की ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा का एशियन रिकॉर्ड 24 अंक था। चीनी ताइपे की वान यू लियू ने 19 जनवरी 2026 को यह रिकॉर्ड बनाया था। नीरू ने फाइनल में 28 निशाने साधकर पुराने रिकॉर्ड में चार अंकों का सुधार किया।
इस इवेंट में 1990 से भारत का इंतजार
महिलाओं का शॉटगन ट्रैप इवेंट पहली बार 1990 के बीजिंग एशियन गेम्स में खेला गया था। तब से 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स तक चीन, जापान, उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और लेबनान के खिलाड़ियों ने पदक जीते, लेकिन भारत को पोडियम पर जगह नहीं मिली। अब नीरू ने इस कहानी को बदल दिया है।
महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा का एशियन गेम्स इतिहास
| एशियन गेम्स | स्वर्ण | रजत | कांस्य |
|---|---|---|---|
| 1990 बीजिंग | वांग युजिन (चीन) | मिवाको इवाओ (जापान) | री ह्ये-ग्योंग (उत्तर कोरिया) |
| 2002 बुसान | गाओ ई (चीन) | पाक योंग-हुई (उत्तर कोरिया) | री ह्ये-ग्योंग (उत्तर कोरिया) |
| 2006 दोहा | चेन ली (चीन) | झू मेई (चीन) | लिन यी-चुन (चीनी ताइपे) |
| 2010 ग्वांगझोऊ | युकी नाकायामा (जापान) | गाओ ई (चीन) | लियू यिंगजी (चीन) |
| 2014 इंचियोन | झू जिंग्यू (चीन) | युकी नाकायामा (जापान) | चट्टाया किचारोएन (थाईलैंड) |
| 2018 जकार्ता-पालेमबांग | झांग शिनछ्यू (चीन) | कांग जी-उन (दक्षिण कोरिया) | रे बासिल (लेबनान) |
| 2022 हांगझोऊ | झांग शिनछ्यू (चीन) | वू कुइकुई (चीन) | मारिया दिमित्रिएन्को (कजाकिस्तान) |
| 2026 अची-नागोया | नीरू ढांडा (भारत) | सुन युनोंग (चीन) | हजर अब्दुलमलिक (कुवैत) |
आइची-नागोया में भारत का पहला व्यक्तिगत स्वर्ण
नीरू का स्वर्ण इस एशियाड में भारत के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह व्यक्तिगत स्पर्धा में देश का पहला स्वर्ण पदक है। इससे पहले भारत के चार स्वर्ण टीम या मिश्रित टीम स्पर्धाओं में आए थे। महिला क्रिकेट टीम ने स्वर्ण जीता, पुरुष कबड्डी टीम ने खिताब अपने नाम किया, महिला कबड्डी टीम ने भी स्वर्ण हासिल किया और शूटिंग की 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को स्वर्ण मिला, लेकिन इन सभी के बाद अब नीरू ने व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के लिए पहली बार स्वर्ण पदक जीता है।
नीरू ढांडा की उपलब्धियां
| प्रतियोगिता | वर्ष/स्थान | स्पर्धा | पदक |
|---|---|---|---|
| एशियन गेम्स | 2026, आइची-नागोया | व्यक्तिगत | स्वर्ण |
| एशियन गेम्स | 2026, आइची-नागोया | टीम | रजत |
| एशियन शूटिंग चैंपियनशिप | 2025, शिमकेंट | व्यक्तिगत | स्वर्ण |
| एशियन शूटिंग चैंपियनशिप | 2025, शिमकेंट | टीम | स्वर्ण |
| आईएसएसएफ विश्व कप | 2026, लोनाटो डेल गार्डा | व्यक्तिगत | स्वर्ण |
| आईएसएसएफ विश्व कप | 2026, अलमाटी | मिश्रित टीम | कांस्य |
30 में 28 निशाने और इतिहास में नाम
नीरू के लिए यह सिर्फ एक पदक नहीं है। यह उस इवेंट में भारत की पहली पोडियम फिनिश है, जिसमें देश को 1990 से लगातार इंतजार था। 36 साल बाद जब भारत का नाम महिला ट्रैप के स्वर्ण पदक विजेताओं की सूची में जुड़ा, तो वह भी नीरू धांडा के नाम के साथ। पहला पदक, पहला स्वर्ण और नया एशियन रिकॉर्ड, नीरू ने अची-नागोया में एक साथ तीन बड़ी उपलब्धियां अपने नाम कर लीं।
भारत को कौन से खेल में कौन सा पदक
| खेल | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल |
|---|---|---|---|---|
| भारत | 5 | 21 | 22 | 48 |
| एथलेटिक्स | 0 | 9 | 10 | 19 |
| मुक्केबाजी | 0 | 0 | 1 | 1 |
| बैडमिंटन | 0 | 0 | 1 | 1 |
| क्रिकेट | 1 | 0 | 0 | 1 |
| कबड्डी | 2 | 0 | 0 | 2 |
| कुराश | 0 | 0 | 1 | 1 |
| मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स | 0 | 0 | 1 | 1 |
| रोइंग | 0 | 0 | 1 | 1 |
| शूटिंग | 2 | 8 | 4 | 14 |
| सॉफ्ट टेनिस | 0 | 0 | 1 | 1 |
| स्क्वॉश | 0 | 2 | 1 | 3 |
| टेबल टेनिस | 0 | 0 | 1 | 1 |
| भारोत्तोलन | 0 | 1 | 0 | 1 |
| वुशु | 0 | 1 | 0 | 1 |








