Post Views: 45,638
बुजुर्गों की बात की विशेष सीरीज में हम आज तीसरी कहानी ला रहे हैं। साइबर ठगों ने दो साल में डिजिटल अरेस्ट, मनी लॉन्ड्रिंग और मोबाइल फोन हैक करके बुजुर्गों से करीब 12 करोड़ रुपये की ठगी की है। ठगों के निशाने पर रिटायर्ड नौसेना के अधिकारी, प्रोफेसर, डॉक्टर, शिक्षिका और व्यापारी रहे हैं।
किसी को सीबीआई तो किसी को बैंक अधिकारी बनकर डराया गया। रिश्तेदार बनकर भरोसे में लिया गया। पुलिस अधिकारी बनकर धमकाया गया। सितंबर 2024 से 2026 के बीच सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं।
नौ मामलों में एटीएम केबिन के अंदर हुई ठगी
दो साल में 14 ऐसे में मामले सामने आए जिनमें 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के साथ 16 लाख रुपये की ठगी की गई। 9 मामलों में ठगी एटीएम केबिन के अंदर हुई है। पांच मामलों में बैंक से रुपये निकाले गए लेकिन जालसाजों ने बुजुर्गों को रास्ते में निशाना बनाया।
साइबर जालसाजों की निगाह रिटायर्ड लोगों पर ज्यादा होती है। ठग सीबीआई, ईडी, पुलिस और टेलीकॉम अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट सहित अन्य हथकंडे अपनाते हैं। ठगी करते हैं। पुलिस यह बार-बार स्पष्ट कर चुकी है। बता चुकी है कि ऑनलाइन या वीडियो पर किसी तरह की कोई भी एजेंसी पूछताछ नहीं करती है। संदेह होने पर तुरंत अपने नजदीकी थाने पर शिकायत दर्ज कराएं। – नृपेंद्र कुमार, एडीसीपी साइबर क्राइम