एम्स में आउटसोर्स एजेंसी की सेवा अवधि खत्म होने के बावजूद नए टेंडर की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से मौजूदा एजेंसी को एक बार फिर सेवा विस्तार मिलने की स्थिति बन गई है। ऐसे में एम्स प्रशासन की कार्य प्रणाली पर सवाल उठ रहा है कि आखिर बार-बार सेवा विस्तार के पीछे क्या वजह है। इससे एम्स के कुछ अधिकारियों को कोई विशेष लाभ मिलने की बात भी कही जा रही है।
इसी बीच एम्स प्रशासन अक्तूबर में किच्छा स्थित सेटेलाइट सेंटर शुरू करने की तैयारी कर रहा है। यहां शुरुआती दौर में नर्सिंग समेत अन्य स्टाफ की आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से तैनाती की आवश्यकता होगी। जबकि किच्छा में तैनाती के नाम पर फर्जीवाड़े प्रकरण में एंजेंसी की भूमिका संदिग्ध है। वहीं एम्स में एजेंसी का मैनेजर विनायक कई दिनों से नदारद हैं और उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा है। बावजूद इसके एम्स प्रशासन इसी एजेंसी को समयावधि विस्तार देने जा रहा है।
टेंडर प्रक्रिया शुरु की जा रही है। जल्द सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर टेंडर जारी करने के प्रयास किए जा रहे हैं।-डॉ. श्रीलॉय मोहंती, पीआरओ, एम्स।








