छत्तीसगढ़: सभी स्कूलों में आज अवकाश, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टर्स को जारी किये ये निर्देश

छत्तीसगढ़ में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन बदहाल हो गया है। लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। अधिक वर्षा होने से प्रदेश के नदी-नाले उफान पर हैं। ऐसे में प्रदेश के मुखिया सीएम ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शनिवार 26 सितंबर को प्रदेश के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किये हैं। इसे लेकर सीएम साय ने संबंधित विभागों और सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देश जारी किये हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही हैं। इस वजह से आवागमन में कठिनाई हो रही है। ऐसी परिस्थितियों में स्कूली बच्चों को किसी प्रकार का जोखिम न उठाना पड़े, इसे ध्यान रखते हुए प्रदेशभर के विद्यालयों में अवकाश रखने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने पालकों से अनुरोध किया है कि बच्चों को घर पर ही रखें। साथ ही सतर्क रहें। अनावश्यक यात्रा से बचें। अधिक वर्षा होने से प्रदेश के नदी-नाले उफान पर हैं। रायपुर समेत कई जिलों के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है।
चक्रवाती तूफान अर्नब का कहर
बंगाल की खाड़ी बने चक्रवात अर्नब ने छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग और उससे लगे जिलों में भारी तबाही मचाई है। पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते क्षेत्र के अधिकांश नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। इसके कारण कई मुख्य सड़कें जलमग्न हो गई हैं और एक जिले से दूसरे जिले का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। धमतरी जिले के प्रसिद्ध गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोल दिए गए हैं। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए बालोद जिले में 25 सितंबर को सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। राज्य प्रशासन ने नदी तटों और निचले इलाकों में अलर्ट घोषित कर दिया है।
गंगरेल बांध के 14 गेट खोले गए
जलाशयों में पानी की लगातार बढ़ती आवक और जलस्तर को देखते हुए गंगरेल बांध के 14 गेट खोल दिए गए हैं। बांध से 2 लाख 50 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें रुद्री बैराज के माध्यम से 4 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी नहर में, जबकि 2 लाख 47 हजार क्यूसेक से अधिक पानी महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है जलाशय में पानी की आवक और आगामी बारिश की स्थिति को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ाई जा सकती है। वहीं सोंढूर जलाशय से करीब 27 हजार क्यूसेक, दुधावा जलाशय से 26 हजार क्यूसेक और मुरुमसिल्ली जलाशय से 12 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। गंगरेल बांध के गेट खुलने और अन्य जलाशयों से पानी छोड़े जाने का नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट:

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इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के बिलासपुर, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा, दुर्ग, रायपुर, राजनांदगांव, बालोद, कांकेर और धमतरी जिलों में आरेज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों के अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है।

इन जिलों में यलो अलर्ट
बलरामपुर, सूरजपुर, जशपुर, सरगुजा, गौरेला पेंड्रा मरवाही, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर चांपा, बलौदा बाजार, महासमुंद, गरियाबंद, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा के अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।
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