जोधपुर नगर निगम चुनाव 2026 की मतगणना में अब तक भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। 100 वार्डों में 385 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला हो रहा है। जोधपुर नगर निगम के चुनाव परिणाम में अब तक भाजपा के 44, कांग्रेस के 44 और अन्य दलों के 11 प्रत्याशी जीत चुके हैं।
जोधपुर में वार्ड 50 का चुनाव परिणाम विवादों में आ गया है। यहां पर एक बूथ पर EVM में खराबी आ गई है। इसकी वजह से रिटर्निंग अधिकारी ने चुनाव आयोग से इस बूथ पर दोबारा चुनाव के लिए गाइड लाइन मांगी है। इस पर फिलहाल निर्णय नहीं आया है। माना जा रहा है कि एक बूथ पर दोबारा मतदान होगा।
दिग्गजों को झटका
जोधपुर नगर निगम चुनाव के नतीजों में कई दिग्गज नेताओं को बड़ा झटका लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के वार्ड संख्या 88 से भाजपा के अशोक खींची ने कांग्रेस उम्मीदवार त्रिलोक को हराकर जीत दर्ज की। खास बात यह रही कि गहलोत अपने ही वार्ड में कांग्रेस को जीत नहीं दिला पाए। वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के वार्ड में भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। वार्ड संख्या 56 से कांग्रेस की पुष्पा देवी विजयी रहीं। यहां भाजपा के दिग्गज नेता देवेंद्र सालेचा को हार मिली। चुनाव में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ओंकार वर्मा और कांग्रेस की पूर्व महापौर कुंती देवड़ा को भी हार का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर भाजपा के प्रथम चंद मेहता और मेघराज लोहिया चुनाव जीतने में सफल रहे। दोनों को महापौर पद के प्रमुख दावेदारों में माना जा रहा है।
परिणाम से पहले हुई थी बाड़ाबंदी
जोधपुर में मतदान खत्म होने के बाद भाजपा ने अपने सभी उम्मीदवारों को एक जगह बुलाया था। इसके बाद उन्हें बसों के जरिए एक होटल ले जाया गया। भाजपा की ओर से कुछ निर्दलीय उम्मीदवारों को भी बाड़ाबंदी में शामिल करने के लिए बुलाया गया था।
पांव छूने को लेकर हुआ था विवाद
निकाय चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान जोधपुर के वार्ड नंबर 82 में विवाद खड़ा हो गया था। मतदान के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पोलिंग पार्टी में तैनात कुछ कर्मचारियों ने पैर छू लिए थे। इसको लेकर भाजपा ने आपत्ति जताई थी। पार्टी की ओर से जिला निर्वाचन अधिकारी, जोधपुर को शिकायत पत्र भी सौंपा गया था। अब आज आने वाले परिणाम से साफ होगा कि जोधपुर नगर निगम में जनता ने किसके पक्ष में अपना फैसला सुनाया है।






