अलास्का के ठंडे बेरिंग सागर में 15 साल का एक लड़का करीब दो दिन तक पलटी हुई छोटी नाव के ऊपर चिपका रहा। बाद में मछली पकड़ने वाली एक नाव ने उसे बचा लिया। उसके साथ मछली पकड़ने गए बड़े भाई और एक रिश्तेदार की जान नहीं बच सकी।
उसे रूस के ज्यादा करीब स्थित सेंट लॉरेंस द्वीप के पास समुद्र से बचाया गया। यह अलास्का का एक दूरदराज द्वीप है। यह अमेरिका की मुख्य भूमि के मुकाबले रूस के ज्यादा करीब है।
मछली पकड़ने वाली नाव द नॉर्थवेस्ट एक्सप्लोरर के कप्तान एडम व्हाइट ने बताया कि किशोर अंधेरे में भी नाव से चिपका रहा। समुद्र के पानी का तापमान करीब 10 डिग्री सेल्सियस था। कप्तान ने उसकी हिम्मत की तारीफ करते हुए कहा कि वह बहुत मजबूत बच्चा है। उन्होंने बताया कि किशोर के दांत ठंड से कांप रहे थे। उसने बताया कि उसका भाई अभी भी नाव के नीचे है। उसने यह भी बताया कि बचाव से पिछली रात उसका रिश्तेदार पानी में गिर गया था।
तीनों की तलाश कब शुरू हुई?
अमेरिकी तटरक्षक बल ने सोमवार सुबह तलाश शुरू की। परिवार के लोगों ने रविवार रात तीनों के लापता होने की सूचना दी थी। तीनों शुक्रवार को सेंट लॉरेंस द्वीप के सावूंगा गांव से निकले थे। उन्हें रविवार सुबह वापस लौटना था।
गांव में मछली पकड़ना क्यों जरूरी है?
सावूंगा गांव में हैलिबट मछली पकड़ना जीवन और संस्कृति का अहम हिस्सा है। गांव में करीब 800 लोग रहते हैं। यहां रोजगार के मौके भी कम हैं। किशोर की मौसी कोलन वॉकर ने बताया कि लोग अक्सर पकड़ी गई मछलियां परिवार और पड़ोसियों के साथ बांटते हैं। उन्होंने कहा कि उनके समुदाय में लोग एक-दूसरे का ख्याल रखते हैं। दुनिया बदल रही है, लेकिन वे आज भी पारंपरिक तरीके से जीवन जीते हैं।
वॉकर ने बताया कि बचाए गए किशोर डेरेक पार्कर अघनांगा अक्सर अपने 35 साल के बड़े भाई सिडनी कुलोवियी के साथ मछली पकड़ने जाता था। अपने पिता की मौत के बाद किशोर अपने भाई को पिता जैसी शख्सियत मानता था। वॉकर ने बताया कि कुलोवियी व्यावसायिक मछली पकड़ने वाली नाव के कप्तान थे। वह गांव के लोगों की मदद करने वाले शांत और प्यार करने वाले व्यक्ति थे।
पलटी नाव कैसे मिली?
तटरक्षक बल के एक विमान ने सोमवार सुबह किशोर को देखा। बचाव दल ने उसके लिए जरूरी सामान पहुंचाया। इसके बाद नॉर्थवेस्ट एक्सप्लोरर नाव से संपर्क किया गया। बताया गया कि नाव शनिवार रात समुद्र में काफी दूर पलट गई थी।





