हल्द्वानी में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट फैसला सुना सकती है। इसे लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। करीब 500 पुलिसकर्मी और पीएसी जवान बनभूलपुरा में तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही ड्रोन से निगरानी भी की जा रही है। पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
मंगलवार को पुलिस बहुउद्देशीय भवन में प्रेसवार्ता के दौरान एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के तहत दो सुपर जोन व चार जोन में पूरे बनभूलपुरा इलाके को बांटा गया है। दो एसपी, पांच सीओ, 15 इंस्पेक्टर व एसओ, 10 चौकी प्रभारी, 45 पुरुष दरोगा, 10 महिला दरोगा, 182 हेड कांस्टेबल व सिपाही और 47 महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा पीएसी की 2 कंपनियां और ड्रोन की 2 विशेष टीमें भी निगरानी में रहेंगी। एसएसपी ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से छतों, गलियों और अन्य स्थानों पर नजर रखी जाएगी। अग्निशमन विभाग की चार यूनिट, यातायात पुलिस की 4 टीमें, बम निरोधक दस्ता, हॉक पुलिस, टियर गैस, एंटी-रायट और फायरिंग स्क्वाड भी तैनात रहेंगे।
एकत्र किए ईंट-पत्थर तो होगी कार्रवाई
एसएसपी ने बताया कि छतों पर पत्थर, ईंट, रोड़ी, मलबा या हथियार जमा कर उपद्रव की तैयारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। अफवाह, भड़काऊ पोस्ट या माहौल खराब करने वाली सामग्री प्रसारित करने वालों पर भी पुलिस नजर बनाए हुए है।
केवल बनभूलपुरा की स्थित संभालेंगे अधिकारी
बुधवार को शहर में भाजपा कार्य समिति की बैठक के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री समेत कई पूर्व मुख्यमंत्री और तमाम बड़े नेता व पदाधिकारी शहर में मौजूद रहेंगे। ऐसे में पुलिस को वीवीआईपी ड्यूटी और बनभूलपुरा मामले दोनों के लिए तैयारी की है। वहीं बनभूलपुरा में जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है उन्हें किसी भी कीमत पर वीवीआईपी ड्यूटी में नहीं जोड़ा जाएगा। वह सिर्फ बनभूलपुरा में सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।






