बागेश्वर जिले में बीती रात से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश के कारण जहां नदी-नाले उफान पर हैं, वहीं मलबे और लैंडस्लाइड के चलते जिले की 15 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह ठप हो चुकी हैं। लेकिन इस सब के बीच सबसे ज्यादा चर्चा और आक्रोश जिला प्रशासन के उस फैसले को लेकर है, जिसके तहत इतने खराब मौसम के बावजूद सोमवार को सभी स्कूल खुले रहे।स्थानीय लोग सोशल मीडिया से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक प्रशासन की कार्यप्रणाली पर जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन अक्सर सामान्य और धूप वाले दिनों में भी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर देता है, जबकि आज जब बीती रात से मूसलाधार बारिश हो रही है और मार्ग बंद हैं, तब बच्चों को जोखिम में डालकर स्कूल बुला लिया गया।
आपदा नियंत्रण कक्ष से जारी आंकड़ों के अनुसार, सुबह आठ बजे तक बीते 24 घंटों में जिले में औसतन 21.67 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसमें बागेश्वर में 30.00 मिमी, गरुड़ में 19.00 मिमी तथा कपकोट में 16.00 मिमी बारिश हुई है। बारिश के कारण सरयू नदी का जलस्तर 866.90 मीटर पर स्थिर है। गोमती नदी का जलस्तर 864.30 मीटर पर बना हुआ है। बैजनाथ बैराज का पोंड लेवल 1113.00 मीटर दर्ज किया गया है और बैराज से 1806.19 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।







