बीएचयू अस्पताल के आईसीयू में आठ महीने से भर्ती कार्डियोथोरेसिक डिपार्टमेंट के 85 वर्षीय इमेरिटस प्रोफेसर और पद्मश्री प्रो.टीके लहरी को एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरविंद पांडेय ने गाली दी। थप्पड़ मारा। इससे प्रो. लहरी के चेहरे पर चोट आई है। एक आंख में भी चोट लगी है जो पूरी तरह से लाल हो गई। मामला कुलपति तक पहुंचा है। मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित कर दिया है। निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक ने आईसीयू में जाकर प्रो लहरी का हाल जाना है। यह पता नहीं चल सका कि एसोसिएट प्रोफेसर किस बात से नाराज थे।
2003 में सेवानिवृत्त फिर भी ओपीडी में देखते रहे मरीज
कोलकाता में 3 जनवरी 1941 को जन्मे डॉ. लहरी आईएमएस बीएचयू से 2003 में सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे लगातार घर से पैदल सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक की ओपीडी में जाते और मरीज देखते। एप्रन पहनकर एक हाथ में छाता और दूसरे हाथ में काला बैग लिए डॉक्टर लहरी नरिया गेट से एनसीसी बटालियन वाली लेन, कुलपति आवास के सामने से सुपरस्पेशियिलटी ब्लॉक जाते दिख जाते। फिलहाल आठ महीने से वह आईसीयू में भर्ती हैं। डॉक्टरों की टीम इलाज कर रही है। वर्तमान में आईएमएस बीएचयू में कई प्रोफेसर जो विभागाध्यक्ष सहित अन्य अहम पदों पर बैठे रहें, उन्हें डॉ. लहरी ने पढ़ाया है।
2006 में मिला पद्मश्री, दान कर देते हैं पेंशन का हिस्सा
प्रो टीके लहरी को मरीजों की सेवा, समर्पण के लिए 2006 में पद्मश्री से नवाजा गया। वह अपनी पेंशन का बड़ा हिस्सा संस्थानों को दान देते हैं। किसी की मदद नहीं लेते हैं। अगर कोई मदद का प्रस्ताव देता है तो सिरे से खारिज कर देते हैं।






