टाटा संस और टाटा ट्रस्ट में चल रही खींचतान के बीच नोएल टाटा को कानूनी राहत मिली है। महाराष्ट्र के चैरिटी कमिश्नर ने उन्हें 1989 के शेयर ट्रांसफर मामले में क्लीन चिट दी है। मामला नवाजबाई रतन टाटा ट्रस्ट (एनआरटीटी) द्वारा 833 शेयरों के ट्रांसफर से जुड़ा था।
कमिश्नर ने दस्तावेज की पड़ताल कर 37 साल पुराना सौदा नियमों के तहत पाया। शेयरों की बिक्री उस समय के वैधानिक कर नियमों की बाध्यताओं के तहत जरूरी थी। नवल नोएल टाटा ने 1 जनवरी 1988 को ट्रस्टी पद से इस्तीफा दिया था। नानी ए. पालकीवाला ने इस्तीफे के एक साल बाद शेयर खरीदने पर रोक न होने की बात कही थी। शेयरों का मूल्यांकन वेल्थ टैक्स कमिश्नर की सहमति से हुआ और एनआरटीटी को शुद्ध वित्तीय लाभ मिला।






