होटल में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित सह आरोपी होटल के मैनेजर और संचालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में होटल में नाबालिग को बिना उचित पहचान व सत्यापन के प्रवेश देने, आवश्यक रजिस्टर में प्रविष्टि नहीं करने और घटना से जुड़े समय में सीसीटीवी कैमरे बंद किए जाने के तथ्य सामने आने का दावा किया गया है। मामले में पुलिस ने होटल का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति के लिए एसडीएम को रिपोर्ट भी भेजी है।
घटना के समय सीसीटीवी थे बंद
प्रभारी निरीक्षक बिष्ट ने बताया कि पुलिस पूछताछ और विवेचना में इस बात की पुष्टि हुई है कि घटना के समय में होटल के सीसीटीवी कैमरों को बंद किया गया था। होटल में नाबालिग को बिना आवश्यक पहचान और सत्यापन के ठहरने की अनुमति दी गई व आवश्यक रजिस्टर में भी प्रविष्टि नहीं की गई। विवेचना में सामने आए इन तथ्यों के आधार पर होटल मैनेजर वैभव गुप्ता (34) और संचालक राहुल अग्रवाल (36) निवासी अद्वैतानंद मार्ग को मामले में सह अभियुक्त बनाते हुए गिरफ्तार किया गया है।
आरोपी के मोबाइल में मिले आपत्तिजनक फोटो और वीडियो
आरोपी की तलाशी के दौरान उससे मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसकी जांच में घटना से संबंधित आपत्तिजनक फोटो-वीडियो मिले हैं। पुलिस ने इन डिजिटल साक्ष्यों को मामले की विवेचना में महत्वपूर्ण माना है। बरामद मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर उसके डेटा की जांच की जा रही है, ताकि घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और आरोपियों की भूमिका के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा सके।
होटल का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने होटल प्रबंधन की कथित लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सराय एक्ट के तहत होटल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए एसडीएम ऋषिकेश को रिपोर्ट भेजी है। पुलिस की इस कार्रवाई से होटल और अन्य प्रतिष्ठानों में नाबालिगों की पहचान-सत्यापन व्यवस्था को लेकर भी सख्ती का संदेश गया है। वहीं, प्रभारी निरीक्षक यशपाल बिष्ट ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वह अपने पाल्यों के फोन और सोशल मीडिया की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें। वहीं, होटल संचालकों को सख्त चेतावनी दी गई है कि बिना पहचान-सत्यापन के कमरा देने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।








