उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों में मंगलवार से घर-घर जनगणना का कार्य शुरू हो जाएगा। इसके लिए जनगणना विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग व पिथौरागढ़ जिले के 131 हिमाच्छादित गांवों व तीन शहरी स्थानीय निकाय बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री में पर्यवेक्षक व प्रगणकों को जनगणना के लिए तैनात कर दिया गया है।
जिलावार प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उत्तरकाशी जिले में 110 प्रगणक व पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। चमोली में 38, पिथौरागढ़ में 22 व रुद्रप्रयाग में 12 प्रगणक व पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। जनगणना के लिए डिजिटल प्रक्रिया में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी दर्ज की जा रही है। 31 अगस्त 2026 तक राज्य के कुल 338 नागरिकों ने स्वगणना के माध्यम से अपनी प्रविष्टि दर्ज की है। इनमें उत्तरकाशी जिले से सर्वाधिक 277 नागरिकों ने स्वगणना की है। चमोली से 29, पिथौरागढ़ से 24 और रुद्रप्रयाग से 8 नागरिकों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है।
ओटीपी या वित्तीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी
स्थानीय परिस्थितियों, दुर्गम इलाकों व पहुंच संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संबंधित जिला प्रशासन व स्थानीय निकायों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर विस्तृत कार्ययोजना लागू की गई है। जनगणना संबंधी किसी भी सहायता या जानकारी के लिए नागरिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने नागरिकों को विशेष रूप से सचेत किया गया है कि जनगणना प्रक्रिया के दौरान किसी भी व्यक्ति की ओर से कोई ओटीपी या वित्तीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी।








