दिल्ली-एनसीआर में स्लीपर बस के अंदर नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के साथ दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सरकारों पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि कई किलोमीटर की यात्रा के दौरान बस किसी भी चेकपॉइंट पर क्यों नहीं रोकी गई।
राहुल गांधी ने दिल्ली और यूपी पुलिस पर क्या कहा?
राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि इस मामले में दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस की जवाबदेही तय होगी या नहीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्था में सुधार जरूरी है। उन्होंने केंद्र और दोनों राज्यों की सरकारों से जवाबदेही तय करने और स्लीपर बसों की जांच व निगरानी से जुड़े नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करने की मांग की।
NHRC ने भी लिया मामले का संज्ञान
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। वहीं, पुलिस की जांच फिलहाल जारी है। राहुल गांधी ने इस घटना को महिलाओं की सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी से जोड़ते हुए सरकारों से जवाबदेही तय करने का सवाल उठाया है।
16 वर्षीय लड़की ने क्या आरोप लगाया?
पुलिस के मुताबिक, 16 वर्षीय लड़की उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से नोएडा में अपने रिश्तेदार के घर जा रही थी। 4 अगस्त की रात वह भारी बारिश और अंधेरे के बीच ग्रेटर नोएडा के परी चौक के पास स्लीपर बस में सवार हुई थी। लड़की ने आरोप लगाया कि बस में यात्रा के दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस के अनुसार, घटना परी चौक से नोएडा के सेक्टर-63 के बीच हुई। आरोप है कि बाद में लड़की को दिल्ली के कश्मीरी गेट क्षेत्र के पास छोड़ दिया गया।
दिल्ली पुलिस ने कैसे पकड़े दोनों आरोपी?
दिल्ली पुलिस के अनुसार, लड़की कश्मीरी गेट आईएसबीटी थाने पहुंची, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया और उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से बस को ट्रेस किया। पुलिस ने बस चालक और कंडक्टर को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। स्लीपर बस को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है। पुलिस के मुताबिक, किशोरी को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया था। समिति के निर्देश के बाद उसे उसके पिता को सौंप दिया गया।






