वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को टोरंटो पहुंचीं। वह चार दिन के दौरे पर हैं। इस दौरान वह पहली भारत-कनाडा आर्थिक और वित्तीय संवाद में हिस्सा लेंगी। इसके बाद वह अमेरिका जाएंगी। वहां जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगी।
निवेश के कौन से मौके तलाशे जाएंगे
बैठक में कारोबार से कारोबार के बीच संबंध बढ़ाने की कोशिश होगी। निवेश के नए मौके तलाशे जाएंगे। भारत और कनाडा के बीच लंबे समय की कारोबारी साझेदारी को बढ़ावा देने पर भी बात होगी। इसमें गिफ्ट सिटी-आईएफएससी में निवेश के मौके भी शामिल हैं।
एक दूसरी व्यापारिक बैठक में सीतारमण कनाडा के बड़े कारोबारियों से बात करेंगी। इसमें भारत और कनाडा के बीच सहयोग के मौकों पर चर्चा होगी। लंबे समय के निवेश पर भी बात होगी। वित्तीय क्षेत्र की बढ़त पर भी चर्चा होगी।
बैंकिंग क्षेत्र में क्या चर्चा होगी?
भारतीय सरकारी क्षेत्र के बैंकों के वरिष्ठ प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी इन चर्चाओं में हिस्सा लेंगे। इससे वित्तीय क्षेत्र में दोनों देशों के बीच ज्यादा सहयोग के रास्ते तलाशने का मौका मिलेगा। निवेश से जुड़े संबंध बढ़ाने के रास्ते भी खोजे जाएंगे।
भारत-कनाडा संबंधों पर क्या होगी चर्चा?
टोरंटो का कनाडियन क्लब और कनाडा-भारत व्यापार परिषद मिलकर सीतारमण और शैंपेन के बीच एक खास संवाद आयोजित करेंगे। इस बातचीत में दोनों देशों के साझा आर्थिक हितों को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी।
इसमें भारत और कनाडा के बीच नए सिरे से मजबूत हो रहे संबंधों पर भी बात होगी। निवेश के माहौल पर चर्चा होगी। घरेलू आर्थिक प्राथमिकताओं पर भी बात होगी। भारत-कनाडा के आर्थिक और वित्तीय संबंध अभी किस दिशा में बढ़ रहे हैं और आगे किस दिशा में जाएंगे, इस पर भी चर्चा होगी।
सीतारमण कनाडा में स्थित कंपनियों के प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें भी करेंगी। इन बैठकों में निवेश के मौकों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत की आर्थिक बढ़त की संभावनाओं पर भी बात होगी। भारत में कनाडाई कंपनियों की मौजूदगी बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा होगी।
अमेरिका में क्या करेंगी सीतारमण?
दौरे के अमेरिका वाले हिस्से में सीतारमण 28 अगस्त से 2 सितंबर तक शिकागो, एशविल और न्यूयॉर्क जाएंगी। वह उत्तरी कैरोलिना के एशविल में होने वाली जी-20 वित्त मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगी। इसके साथ ही वह कई देशों के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगी। कारोबार से जुड़ी कई बैठकों में भी शामिल होंगी।






