2026 जन्माष्टमी- मथुरा-वृंदावन में होटल हुए बुक, बांके बिहारी के ऐसे होंगे दर्शन, मंगला आरती के बदले नियम

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थुरा और वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। जन्माष्टमी पर ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के दर्शन और मंगला आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं ने वृंदावन में ठहरने के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर के कई होटल, गेस्ट हाउस और आश्रमों में अग्रिम बुकिंग कराई जा रही हैं जबकि कई प्रमुख होटलों में कमरे फुल हो चुके हैं। इधर निर्धारित व्यवस्था के तहत केवल 600 श्रद्धालुओं को ही मंगला आरती में प्रवेश दिया जाएगा।

जन्माष्टमी पर देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के वृंदावन पहुंचने की संभावना है। होटल संचालकों के अनुसान उनके पास लगातार बुकिंग के लिए फोन आ रहे हैं। श्रद्धालुओं की पहली प्राथमिकता मंदिर के आसपास ठहरने की रहती है, जिससे उन्हें दर्शन के लिए आसानी हो सके। जन्माष्टमी की रात के बाद सुबह होने वाली मंगला आरती को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। दूर-दराज से आने वाले भक्त कई दिन पहले वृंदावन पहुंचकर आरती में शामिल होने की तैयारी करते हैं। इसी के चलते मंदिर क्षेत्र के आसपास स्थित होटल और आश्रमों में कमरों की मांग बढ़ गई है। हालांकि मंगला आरती में प्रवेश को लेकर हाईपावर्ड कमेटी पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुकी है। ऐसे में होटल की बुकिंग होने मात्र से मंगला आरती में प्रवेश सुनिश्चित होगा यह अभी नहीं कहा जा सकता।
2022 में हुआ था मंगला आरती में हादसा
20 अगस्त 2022 को श्रीबांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती के दौरान बड़ा हादसा हो गया था। मंदिर परिसर में मची भगदड़ के दौरान भीड़ के बीच फंसने व घुटन के चलते दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी जबकि 6 घायल हो गए। इस हादसे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह के नेतृत्व में जांच समिति गठित की थी। इसके बाद मंदिर में मंगला आरती में शामिल होने वालों की संख्या को सीमित कर दिया गया।
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जन्माष्टमी पर जगमगाएगी कान्हा की नगरी
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार नजदीक आते ही जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इस बार कान्हा की नगरी में अलौकिक नजारा देखने को मिलेगा। मोरपंखी रोशनी से जगमगाते पुल और डिवाइडर जहां हर किसी का मन मोह लेंगे, वहीं सड़कों के किनारे बनी बाउंड्रीवॉल पर उकेरी गई सुंदर चित्रकारी ब्रज संस्कृति की अनुपम झलक पेश करेगी। बीते वर्ष जन्माष्टमी पर जहां लगभग 40 लाख और रक्षाबंधन पर 10 लाख पर्यटक और श्रद्धालु मथुरा पहुंचे थे, वहीं इस बार 10 से 15 लाख अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम और विद्युत विभाग करीब 1.45 करोड़ रुपये का बजट खर्च कर रहा है।

1.25 करोड़ रुपये से नगर निगम सड़कों की मरम्मत और 22 प्रमुख चौक-चौराहों का साैंदर्यीकरण करवा रहा है। नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने बताया कि शहर को पिंक, पर्पल और ग्रीन (मोरपंखी) की खास तीन-रंगी थीम पर सजाया जा रहा है। 11 अगस्त से वॉल पेंटिंग का काम शुरू हो चुका है और एक सितंबर तक पूरी नगरी सजकर तैयार हो जाएगी।

मसानी से डीग गेट तक नई लाइटों के पोल लगाने का काम भी तेजी से जारी है। नगर निगम सीमा क्षेत्र के सभी स्ट्रीट लाइट पोलों पर 0.6 एमएम थिकनेस के एचडीपीई इंसुलेशन पाइप और डाई-इलेक्ट्रिक पेंटिंग कराई जा रही है। इससे बारिश या नमी के मौसम में करंट उतरने का खतरा खत्म हो जाएगा। यह इंसुलेशन एक साल तक प्रभावी रहेगा, जिससे नगर निगम को बार-बार होने वाले खर्च से भी बड़ी राहत मिलेगी।

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20 लाख की लागत से बदलेंगे 2000 जर्जर पोल
विद्युत विभाग ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र और परिक्रमा मार्ग में सुरक्षा पुख्ता करने के लिए 20 लाख रुपये की लागत से काम शुरू कर दिया है। शहर के अधीक्षण अभियंता शहर मुदित तिवारी ने बताया कि 2000 जर्जर खंभों को बदला जा रहा है और 3000 पैनलों की वेल्डिंग व मरम्मत की जा रही है। लाइनों की मरम्मत और पेड़ों की छंटाई के भी निर्देश दिए गए हैं। यह सभी कार्य रक्षाबंधन तक पूरे कर लिए जाएंगे।
जन्माष्टमी पर विद्युत पोलों की करंट से सुरक्षा, इंसुलेशन टैपिंग हो रही
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए नगर निगम ने विद्युत खतरे से बचाव के बेहतर इंतजाम शुरू कर दिए हैं। विद्युत खंभों पर इंसुलेशन टैपिंग कराई जा रही है। बृहस्पतिवार रात को नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने भूतेश्वर स्थित नगर निगम परिसर में विद्युत पोलों पर कराए जा रहे इंसुलेशन टैपिंग और डाई-इलेक्ट्रिक पेंटिंग कार्य का निरीक्षण किया। साथ ही निर्धारित समय तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने कहा है कि पानी के टैंकरों में छोटा सा बदलाव करने का प्रस्ताव रखा गया है। अब प्रत्येक पानी के टैंकर में 5 नल लगाए जाएंगे। नलों के नीचे एक कलेक्शन ट्रे लगाई जाएगी। ट्रे के नीचे एक ड्रेन पाइप लगाया भी लगाया जाएगा।

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