Today Weather: मध्यप्रदेश में झमाझम का दौर, 14 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, अगले 3 दिन बरसेंगे बादल

Spread the love

ध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। इस बार बारिश का सबसे ज्यादा असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में देखने को मिल रहा है। रीवा और बालाघाट में मंगलवार को अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, कटनी, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में भी भारी बारिश की चेतावनी है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सतना, मऊगंज, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, निवाड़ी समेत कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

बारिश की कमी वाले जिलों में बढ़ी उम्मीद
प्रदेश के 40 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में करीब 19 प्रतिशत तक बारिश की कमी है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, सतना, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में 4 से 58 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के भी 21 जिलों में सामान्य से 1 से 49 प्रतिशत तक बारिश कम है। इनमें इंदौर, धार, झाबुआ, बैतूल, रायसेन, सीहोर, रतलाम, उज्जैन, नीमच, मंदसौर और विदिशा समेत अन्य जिले शामिल हैं।

सिर्फ 15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के केवल 15 जिलों में अब तक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। इनमें अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना शामिल हैं।
कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। पश्चिमी हिस्से में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जबकि ऊपरी स्तर पर दो अन्य चक्रवाती परिसंचरण मौजूद हैं। दक्षिणी हिस्से से शीयर जोन गुजर रहा है। इनके असर से पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार 17 से 21 अगस्त के बीच प्रदेश के दोनों हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

और पढ़े  हरियाली अमावस्या पर बाबा महाकाल ने धारण किया दिव्य स्वरूप, भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

जून की कमी अभी भी पूरी नहीं
जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में अच्छी बारिश के कारण स्थिति कुछ सुधरी और महीने का बारिश कोटा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। मानसून में दो बार ब्रेक आने के बाद अगस्त के अंतिम हिस्से में एक बार फिर मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ है। इसके बावजूद प्रदेश में अब तक करीब 13 प्रतिशत बारिश कम है। मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान औसतन 37.3 इंच बारिश होती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे जिलों की सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच के बीच रहती है।


Spread the love
  • Related Posts

    दर्दनाक हादसा: एमपी के भिंड में भीषण हादसा, 8 की मौत,पिकअप डंपर से टकराई

    Spread the love

    Spread the loveभिंड में नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गोहद के छीमका गांव के पास तेज रफ्तार पिकअप सामने से आ रहे…


    Spread the love

    त्विषा शर्मा- CBI ने दाखिल की चार्जशीट, 636 पन्नों में बंद त्विषा शर्मा की हत्या या आत्महत्या का राज

    Spread the love

    Spread the loveभोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई के बाद न्यायिक प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भोपाल…


    Spread the love