उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले जनगणना कराने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय से अंदरूनी तौर पर अधिकारियों को तैयार रहने के संकेत भी दिए गए हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी होने का इंतजार है।
हिमाच्छादित 131 गांवों में एक सितंबर से जनगणना
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जिलों के 131 गांवों और तीन विशेष निकायों (केदारनाथ, बदरीनाथ और गंगोत्री) में एक सितंबर से 30 सितंबर के बीच जनगणना होगी। इन क्षेत्रों की अनुमानित आबादी 52,000 है। कार्यक्रम के तहत 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) होगी, जबकि वास्तविक जनसंख्या गणना एक सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगी। इसके बाद एक से पांच अक्तूबर तक रिविजनल राउंड आयोजित होगा। इस प्रक्रिया के लिए एक अक्तूबर को संदर्भ तिथि तय किया गया है। निदेशक जनगणना इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि गणना का कार्य आधिकारिक सेंसस मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल रूप से किया जाएगा। अधिकारी घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे।




