मूसलाधार मानसूनी बारिश, बादल फटने, अचानक बाढ़ आने और भूस्खलन की घटनाओं से देशभर में तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। केंद्र सरकार ने राज्य आपका राहत कोष से बाढ़ प्रभावित सात राज्यों के लिए 2,117 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, असम, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं।
- बाढ़ से शिवसागर और चराईदेव जिलों के लोग सर्वाधिक प्रभावित, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार ने भूमि कर माफ करने की घोषणा की।
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- दोनों जिलों में 300 यूनिट से कम बिजली खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं के जुलाई महीने के बिजली बिल भी माफ होंगे।
- टैक्स की ये माफी एक वर्ष की अवधि के लिए होगी और 1 अप्रैल से लागू होगी।
- बाढ़ से राज्य में अब तक 82 लोगों की जान गई है।
- मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) से घरों की मरम्मत के लिए 15,000 रुपये की अंतरिम राहत दी जाएगी, राशि 3 से 5 अगस्त तक वितरित होगी।
- जिन परिवारों के घर अभी रहने लायक नहीं, उन्हें 10 अगस्त को अतिरिक्त 10,000 रुपये दिए जाएंगे।
- क्षतिग्रस्त आंगनवाड़ी केंद्रों की मरम्मत के लिए सीएमआरएफ से 2-2.5 लाख रुपये मिलेंगे।
- शिवसागर के 55,000, चराईदेव में 20,000, जोरहाट के 7,000 और गोलाघाट में 3,000 परिवार सरकारी अनुदान के पात्र होंगे।
- मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा दो अगस्त से तीन दिनों तक बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित जिलों का दौरा करेंगे।
असम की मदद के लिए केंद्र सरकार के निर्देश में क्या?
केंद्र सरकार ने बीमा कंपनियों को बाढ़ प्रभावित जिलों में दावों का तेजी से निपटान करने के विशेष निर्देश जारी किए हैं। बीमा कंपनियों ने एक सरल फॉर्म लाने और आवश्यक दस्तावेज की संख्या कम करने का वादा किया है। इससे असम के सर्वाधिक प्रभावित चार जिलों से आने वाले बीमा के दावों का भुगतान करने में सुविधा होगी। जीवन बीमा दावों के लिए कंपनियां मृतक के नाम वाली सरकारी सूची स्वीकार करेंगी, मृत्यु प्रमाण पत्र पर जोर नहीं देंगी।भूस्खलन की मार, केरल में IMD का ऑरेंज अलर्ट
केरल में भारी बारिश के बाद कई जगह हुए भूस्खलन में छह लोगों की मौत हो गई है और छह लोग लापता हैं। राज्य भर में 65 राहत शिविर खोले गए हैं, जिनमें 1,465 लोगों ने शरण ली है। 12 जिलों में मौसम विभाग (आईएमडी) ने भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसको देखते हुए 2 अगस्त को होने वाली राज्य पात्रता परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है।पूरब से पश्चिम तक तबाही का मंजर
- हिमाचल प्रदेश: कुमारसैन में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। धर्मशाला के समीप भूस्खलन की चपेट में आने से दो युवक घायल हो गए, जिनमें एक की हालत गंभीर है।
- मणिपुर-असम: चुराचांदपुर जिले में भारी बारिश के बाद लानवा नदी आई बाढ़ में एक व्यक्ति बह गया। असम में बाढ़ से अब तक 82 लोगों की मौत हुई है और 1.93 लाख लोग प्रभावित।
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- गुजरात: दक्षिण और मध्य गुजरात में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति के बाद 27 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
- ओडिशा: महानदी का जल स्तर बढ़ने के बाद हीराकुंड बांध के 22 गेट खोल दिए गए हैं और 10 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। बाढ़ से 8 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
ओडिशा में सीएम ने हवाई सर्वेक्षण किया
मौसम की मार झेल रहे ओडिशा में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को बताया कि बाढ़ से करीब आठ लाख लोग प्रभावित हुए हैं। उत्तरी ओडिशा में बाढ़ की स्थिति में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। उन्होंने कहा, प्रशासन का ध्यान महानदी डेल्टा क्षेत्र के कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिलों पर केंद्रित है। इन जिलों को अत्यधिक संवेदनशील माना गया है। मुख्यमंत्री ने राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी और विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल के साथ हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने भद्रक, जाजपुर, बालासोर, मयूरभंज और क्योंझर जिलों का दौरा किया। माझी ने पत्रकारों को बताया कि इन पांच जिलों में बाढ़ का पानी कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगले दो दिनों में स्थिति में और सुधार हो सकता है। बाढ़ का पानी कम होने के बाद पुनर्वास और बहाली कार्यों पर ध्यान दिया जाएगा।
कैसे हैं ओडिशा के हालात?
- इस साल की बाढ़ से राज्य के 20 तटीय जिले प्रभावित हुए हैं।
- उत्तरी ओडिशा में सालंदी, ब्राह्मणी, बैतरणी, जलाका और बूढ़ाबलंग नदियों में आई बाढ़ से 1,300 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
- सीएम माझी का निर्देश- बाढ़ का पानी कम होने के 72 घंटों के भीतर नुकसान का आकलन करें अधिकारी।
- विशेष राहत आयुक्त ने बताया कि महानदी के 10 निचले जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अंगुल, बौध, संबलपुर, सुबर्णपुर और नयागढ़ भी हाई अलर्ट पर हैं।
NDRF की टीमों को भी तैनात किया गया
ओडिशा सरकार ने बचाव अभियान के लिए ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल की 17 टीमें, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की सात टीमें और अग्निशमन व आपातकालीन सेवा विभाग की 129 टीमें तैनात की हैं। राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्य के लिए 26 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं।







