अमेरिका के राष्ट्रपति ने चौंकाते हुए ईरान युद्ध खत्म करने का एलान कर दिया है। एपी की रिपोर्ट्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि पश्चिम एशिया के देशों के बीच ईरान युद्ध खत्म करने पर सहमति बन गई है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिका अब ईरान पर नए हमले भी नहीं करेगा।
इससे पहले शनिवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से फोन पर बातचीत की। इस बातचीत के दौरान क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर चिंता जताई और ट्रंप से लड़ाई आगे नहीं बढ़ाने की अपील की थी। दोनों नेताओं की बातचीत ऐसे समय हुई जब ट्रंप ने सेना को ईरान पर नए हमलों के निर्देश दिए थे।
सऊदी ने अमेरिका से क्यों हमले नहीं करने की अपील की?
दरअसल सऊदी अरब को आशंका थी कि अगर अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे या अन्य प्रमुख बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमला करता है, तो तेहरान जवाबी कार्रवाई में सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकता है।
इस सप्ताह की शुरुआत में सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के कई लॉजिस्टिक और हथियार ठिकानों पर अमेरिकी कार्रवाई में साथ दिया था। हालांकि, रियाद लगातार अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से विवाद का समाधान करने पर जोर दे रहा था। इसी क्रम में सऊदी रक्षा मंत्री और क्राउन प्रिंस के भाई खालिद बिन सलमान बुधवार को वॉशिंगटन पहुंचे थे। उन्होंने ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से अलग-अलग मुलाकात कर ईरान रणनीति पर चर्चा की।
ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी मुलाकात की थी। फरवरी में ईरान युद्ध शुरू होने के बाद यह दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की बैठक थी। नेतन्याहू ने ट्रंप से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने का आग्रह किया था। हालांकि अब अचानक से ट्रंप ने ईरान युद्ध खत्म करने पर सहमति बनने का एलान करके फिर से सभी को चौंका दिया है। ईरान युद्ध वैसे भी ट्रंप और उनकी पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। यह युद्ध कई अमेरिकी नागरिकों के बीच अलोकप्रिय है और नवंबर में होने वाले महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनावों से पहले वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ा है।







