खाड़ी देश अब एक ऐसी आग में झुलस रहे हैं, जिसे बुझाना नामुमकिन लग रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सीधी चेतावनी के बाद अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने लगातार छठी रात ईरान को बमों से पाट दिया है। यह हमला कितना भीषण है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि अमेरिकी मिसाइलों ने इस बार सिर्फ सैन्य ठिकाने नहीं, बल्कि ईरान की लाइफलाइन कहे जाने वाले पुलों, रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है। रणनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ के पास भारी तबाही हुई है, जिससे ईरान के कई शहरों का आपस में संपर्क पूरी तरह टूट गया है। जवाब में बौखलाए ईरान ने भी अमेरिकी बेस वाले बहरीन और कुवैत पर मिसाइलें और ड्रोन दागकर भीषण पलटवार कर दिया है। क्या अब खाड़ी के रास्ते पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था ठप हो जाएगी?
अमेरिकी सेना ने चाबहार के निगरानी टावर को नष्ट करने का किया दावा
अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) ने एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया कि उसने चाबहार के शाहिद कालंतरी बंदरगाह पर बने निगरानी टावर को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। यह टावर ईरान के ओमान की खाड़ी वाले तट पर बने समुद्री निगरानी नेटवर्क का हिस्सा था, जिसका इस्तेमाल दशकों से इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर नजर रखने और उन्हें निशाना बनाने के लिए करता आ रहा था।
इस टावर के नष्ट होने से आईआरजीसी की निर्दोष आम नागरिकों (चालक दल के सदस्यों) पर हमले की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने की क्षमता सीधे तौर पर कम हो गई है। इसके अलावा, यह कार्रवाई क्षेत्र के जलक्षेत्र में सभी जहाजों के लिए आवाजाही की स्वतंत्रता को सुरक्षित करती है, सिवाय उन जहाजों के जो ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
ईरान के हमले से कुवैत के बिजली और पानी संयंत्र तबाह
बंदर अब्बास स्टेशन से ट्रेनों के परिचालन पर प्रतिबंध
ईरान ने नागरिकों से की बिजली बचाने की अपील
बहरीन ने नागरिकों को दी सतर्क रहने की सलाह
बहरीन की सशस्त्र सेनाओं ने शुक्रवार को दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने ईरान की ओर से किए गए कई ‘शत्रुतापूर्ण हवाई हमलों’ को सफलतापूर्वक रोककर नष्ट कर दिया। सैन्य बयान में कहा गया कि ईरान ने नागरिकों को निशाना बनाकर कायराना हमला किया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, हमले के बाद जमीन पर मिले किसी भी संदिग्ध या अज्ञात वस्तु के पास न जाएं और उसकी सूचना तुरंत संबंधित एजेंसियों को दें। जनरल कमांड ने कहा कि नागरिकों और निजी संपत्तियों को निशाना बनाने के लिए मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।






