आज 20वें दिन भी सोनम वांगचुक का अनशन जारी,वांगचुक पर हमला, कॉकरोच पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके का सनसनीखेज आरोप

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया है कि जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर हमला किया गया। दीपके ने कहा कि सरकार प्रदर्शन को खत्म कराना चाहती है। सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 20 दिन से जारी है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक भोजन न लेने की वजह से सोनम वांगचुक का वजन लगातार घट रहा है।

 

दीपके ने ट्वीट में कहा- जंतर-मंतर पर गुंडों ने सोनम सर पर हमला करने की कोशिश की। उन पर कोई वस्तु फेंकी गई, लेकिन सौभाग्य से उन्हें चोट नहीं आई। कुछ दिन पहले, पुलिस के एक अंदरूनी सूत्र से मिली जानकारी के आधार पर मैंने चेतावनी दी थी कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन को बाधित करने के लिए लोगों को भेजा जाएगा। अगर सोनम सर को कुछ भी होता है, तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी, क्योंकि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन को खत्म करने की स्पष्ट योजना है।

 

सीजेपी के मुताबिक, अब तक उनका करीब नौ किलोग्राम वजन कम हो चुका है। डॉ. सतीश लांबा ने बताया कि शुक्रवार को उनका वजन 56.55 किलोग्राम दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 350 ग्राम कम हुआ है। उनका ब्लड प्रेशर 108/68, ब्लड शुगर 70 एमजी/डीएल और हार्ट रेट 72 बीट प्रति मिनट दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि शरीर में हल्का डिहाइड्रेशन है। पहले शरीर की चर्बी कम हुई, उसके बाद मांसपेशियां प्रभावित होने लगीं और अब लंबे समय तक अनशन जारी रहने पर शरीर के अन्य अंगों पर भी असर पड़ने की आशंका है। मेडिकल टीम चौबीसों घंटे उनकी निगरानी कर रही है।

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कांग्रेस समेत कई नेताओं ने जताया समर्थन
शुक्रवार को प्रदर्शन को कांग्रेस सहित कई विपक्षी नेताओं का समर्थन भी मिला। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, राजेंद्र पाल, एनसीपी (शरद पवार) सांसद सुप्रिया सुले और हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला समेत कई नेताओं ने जंतर मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। वहीं, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने भी सोशल मीडिया के जरिए सीजेपी को समर्थन दिया। इस दौरान पवन खेड़ा ने कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज को सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है और सरकार को प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रदर्शनकारियों से संवाद कर समाधान निकालना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं, हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार बार सामने आ रहे पेपर लीक और अनियमितताओं ने लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई। उन्होंने उनसे भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि उनकी सेहत देश के लिए महत्वपूर्ण है।

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