पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने हाफिज सईद, मसूद अजहर, यूसुफ शाह और मुफ्ती मोहम्मद असगर खान सहित करीब दो दर्जन आतंकियों की सुरक्षा बढ़ा दी है। लश्कर-ए-ताईबा और जैश-ए-मोहम्मद के अलावा कई आतंकी संगठनों से जुड़े दहशतगर्दों का ठिकाना लगातार बदला जा रहा है। आईएसआई ने इनकी सुरक्षा में अपने एजेंट और एसएसजी में रह चुके कमांडो को लगाया है।
आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के अंतर्गत गृह मंत्रालय ने 23 दहशतगर्दों को गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत आतंकवादी घोषित किया है। इनमें 17 पाकिस्तानी और 6 भारतीय दहशतगर्द शामिल हैं। जो भारतीय दहशतगर्द हैं, वे भी फिलहाल पाकिस्तान में ही हैं। ये घोषित आतंकवादी भारत-विरोधी गतिविधियों, आतंकी हमलों, हथियारों की तस्करी, सीमा पार घुसपैठ, आतंकी संगठनों की मदद करने, फंड जुटाने और आतंकियों की भर्ती करने में शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान हाफिज सईद को बचाने का हर संभव प्रयास कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र संघ के दबाव और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स की ग्रे सूची से बचने के लिए उसने हाफिज को सजा देने का दिखावा किया है। साल 2020 में लाहौर की आतंकवाद रोधी अदालत ने हाफिज को 11 साल और अप्रैल 2022 में दो अन्य केस में 31 वर्ष जेल की सजा सुनाई थी। इसके आधार पर पाकिस्तान दुनिया को धोखे में रखने के लिए उसके जेल में होने का दावा करता है। वहीं, खुफिया एजेंसियों के मुताबिक पिछले तीन वर्षो में हाफिज को 28 से ज्यादा बार सार्वजनिक स्थलों पर देखा गया है।
लश्कर प्रमुख हाफिज सईद, जैश संस्थापक मसूद अजहर, हिजबुल चीफ मोहम्मद यूसुफ शाह उर्फ सैयद सलाहुद्दीन, अल हिजामा, कारी जर्रार, मसूद इलियास कश्मीरी, डॉक्टर हमजा, असगर खान, हाफिज खालिद नाइक, बिलाल अहमद मीर, हारून रशीद गनई, फिरदौस अहमद भट, आबिद कयूम लोन, मुहांदीस, अबू मनाजिल, हाफिज अब्दुल रऊफ, समामा इल्यास, मौलाना सैफुल्लाह खालिद, मौलाना यूसुफ ताईबी, इशफाक अहमद और हैदर खान सहित करीब दो दर्जन आतंकियों की सुरक्षा बढ़ाई गई है। इनमें ज्यादातर आतंकी वही हैं, जिन्हें हाल ही में आतंकवादी घोषित किया गया है।






