अंबेडकर नगर जिले में मुठभेड़ में मारा गया एक लाख का इनामी बदमाश विक्की उर्फ आसिम अली उर्फ नक्शे हसन उर्फ पेंदा कानपुर जिले के बिल्हौर थाना इलाके के मकनपुर गांव का मूल निवासी था। अंतरराज्यीय छैमार गिरोह का कुख्यात बदमाश विक्की अप्रैल 2014 से वांछित था।
खानाबदोश की तरह रहने वाले छैमार गिरोह के बदमाश पहले बावरिया गिरोह के लिए आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते थे। बावरिया गिरोह के सरगना सलीम बावरिया से अलग होकर फाती उर्फ कदीम उर्फ पहलवान ने छैमार गिरोह बनाया था। विक्की को वर्ष 2006 में मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित एक मामले में लखनऊ की पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुए आसिम उर्फ विक्की का शव राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर के पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया। यहां देर शाम तीन डॉक्टरों डॉ. हुरेंद्र, डॉ. रवि राजभर और डॉ. दिनेश के पैनल ने पोस्टमार्टम किया और वीडियोग्राफी भी कराई गई। उधर, बेवाना थाने में एसटीएफ के इंस्पेक्टर सचिन कुमार की तहरीर पर जानलेवा हमले व आर्म्स एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि बुधवार की सुबह आसिम की पत्नी कानपुर से आएंगी और शव की सुपुर्दगी लेंगी।
पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुए आसिम उर्फ विक्की का शव राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर के पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया। यहां देर शाम तीन डॉक्टरों डॉ. हुरेंद्र, डॉ. रवि राजभर और डॉ. दिनेश के पैनल ने पोस्टमार्टम किया और वीडियोग्राफी भी कराई गई। उधर, बेवाना थाने में एसटीएफ के इंस्पेक्टर सचिन कुमार की तहरीर पर जानलेवा हमले व आर्म्स एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि बुधवार की सुबह आसिम की पत्नी कानपुर से आएंगी और शव की सुपुर्दगी लेंगी।







