अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दानपात्रों से चढ़ावा चोरी के आरोपों वाले मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दाखिल जनहित याचिका (पी आई एल) को सोमवार को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने यह कहते हुए शुरुआती सुनवाई पर याचिका निस्तारित कर दी कि यह मामला सुप्रीमकोर्ट में विचाराधीन है, ऐसे में यह याचिका हाईकोर्ट में सुनवाई को ग्रहण करने योग्य नहीं है।
इसमें, कथित गबन मामले की जांच समेत केस दर्ज करने के निर्देश सी बी आई को देने का कोर्ट से आग्रह किया गया है। साथ ही श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के दानपात्रों में चढ़ावे के रूप में मिलने वाली नकद धनराशि, सोने चांदी के आभूषणों व अन्य कीमती वस्तुओं का आडिट महालेखा परीक्षक नियंत्रक( कैग) से कराने की मांग भी की गई है।
याचिकाकर्ता ने कहा- भक्तों की भावनाओं को ठेस पंहुची
याचिकाकर्ता का कहना है कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रतीक भगवान श्रीराम जी के मंदिर में दान व चढ़ावे की संपत्ति के कथित गबन के आरोपों का मामला अखबारों में छप रहा है। इससे भक्तों की भावनाओं को ठेस पंहुची है। ऐसे में इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और ऑडिट होना आवश्यक है।
याची ने राज्य सरकार को भी यह भी निर्देश देने की मांग की है कि मामले की तफ्तीश किसी पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी की देखरेख में कराई जाए। याचिका में केंद्र, राज्य सरकार के सतर्कता विभाग के प्रमुख सचिव, सी बी आई के निदेशक, कैग व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को इसके चेयरपर्सन के माध्यम से पक्षकार बनाया गया था।





