पहाड़ में सुकून की तलाश और सुनहरी यादें संजोने की चाहत हंसते-खेलते परिवार के लिए कभी न भूलने वाले जीवनभर के दर्द में बदल गई। रविवार को भवाली रोड स्थित एक होटल की बालकनी में खेलते वक्त हुए दर्दनाक हादसे ने मासूम गौरांत को असमय ही छीन लिया। गंभीर रूप से घायल बच्चे की सांसें बचाने के लिए बदहवास परिजन उसे नैनीताल से हल्द्वानी और फिर वहां से दिल्ली लेकर भागे लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। दिल्ली पहुंचने से पहले ही मासूम ने दम तोड़ दिया।
पिता विशाल सोनी के अनुसार दिल्ली पहुंचने से करीब 20 किलोमीटर पहले ही गौरांत की सांसें थम गईं। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुछ ही देर पहले तक परिवार के साथ हंसता-खेलता मासूम अब केवल यादों में रह गया। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। यह हादसा होटलों में सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि बालकनी और ऊंचे स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होते तो शायद यह हादसा नहीं होता। बता दें कि एक सप्ताह पहले तल्लीताल क्षेत्र के एक होटल के रिसेप्शन से भी दो वर्षीय बच्ची नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी।








