बदरीनाथ चढ़ावा प्रकरण: कांग्रेस ने लगाए कई गंभीर आरोप, जांच पूरी होने तक बीकेटीसी को भंग करने की मांग

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दरीनाथ मंदिर में चढ़ावे के पैसों में हेराफेरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने मांग की है कि प्रकरण की जांच पूरी होने तक बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को भंग किया जाए। प्रदेश सरकार को इस मामले की गंभीरता से निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए।

नगर कांग्रेस कमेटी ने पत्रकार वार्ता में सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता कमल रतूड़ी ने कहा कि बदरीनाथ व केदारनाथ में लगातार कई मामले सामने आए, लेकिन आज तक कोई भी जांच पूरी नहीं हुई। कमल रतूड़ी ने कहा कि बीकेटीसी के अध्यक्ष पद पर काबिज व्यक्ति पूर्व में कई आरोपों से घिरे हुए हैं इसलिए पूरी बदरीनाथ-केदारनाथ कमेटी को भंग कर निष्पक्ष जांच की जाए।

कांग्रेस नगर अध्यक्ष प्रकाश नेगी व ब्लॉक अध्यक्ष दिगंबर सिंह बिष्ट ने कहा कि बीकेटीसी में पहले भी कुछ प्रकरण आए थे लेकिन किसी में कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए इस बार जांच पूरी होने तक मंदिर समिति को भंग रखा जाए। 

नए-नए मामले आ रहे सामने

ब्रह्मकपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत समिति के केंद्रीय अध्यक्ष उमेश सती ने मुख्यमंत्री को इस मामले में ज्ञापन भेजा है। उमेश सती का कहना है कि बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा को लेकर हेराफेरी की बात अत्यंत गंभीर है। इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्षों से मंदिर समिति लगातार आरोपों से घिरती जा रही है। पुराने मामलों की जांच भी पूरी नहीं हुई और नया मामला सामने आ गया है। इस तरह के मामले आस्था के साथ ही सनातन परंपराओं पर भी गहरी चोट पहुंचा रहे हैं। इसलिए निष्पक्ष जांच का दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

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वित्तीय अनियमितताओं से सनातन संस्कृति को ठेस
श्री बदरीनाथ मंदिर में पिछले कुछ महीनों से सामने आ रही वित्तीय अनियमितताओं व वीआईपी दर्शन के नाम पर अवैध वसूली की खबरों पर श्री बदरीश पंडा पंचायत ने गहरा आक्रोश जताया है। पंचायत के अध्यक्ष प्रवीन ध्यानी ने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी तथा मुख्य कार्याधिकारी एस.एस. रांगड़ को पत्र भेजकर अपनी गहरी चिंता और आक्रोश व्यक्त किया है। बीकेटीसी अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि मंदिर समिति के पदाधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं, विशेषकर धन लेकर वीआईपी दर्शन कराने के आरोपों ने देश-विदेश में बदरीनाथ धाम की गरिमा को गहरी ठेस पहुंचाई है। पत्र में यह भी कहा गया है कि जांच के दौरान यदि किसी उच्च पद पर आसीन अधिकारी या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो बिना किसी दबाव के उसके विरुद्ध भी कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।


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