रामनगरी अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान गबन मामले की जांच के लिए रविवार को विवेचक आशुतोष तिवारी एंटी करप्शन कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद जिला कारागार पहुंचे। जेल में बंद पांच आरोपियों से पूछताछ शुरू की।
लेन-देन का सत्यापन कराया जा रहा
साथ ही बरामदगी की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ा रही हैं। सूत्रों के अनुसार, मामले में आरोपी और उनके परिजनों के बैंक खातों को भी खंगाला जा रहा है। इन खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन का सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी की रकम बैंकिंग सिस्टम के जरिये कहीं ट्रांसफर या खपाई तो नहीं गई।
बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां आरोपी से पूछताछ में मिली जानकारी का बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों से मिलान कर रही हैं। जिन-जिन खातों में संदिग्ध ट्रांजैक्शन मिले हैं, उनकी भी गहन पड़ताल की जा रही है।
अब तक एकत्र साक्ष्यों और दस्तावेजों से आगे बढ़ रही जांच
इससे पहले विवेचक ने आरोपियों से पूछताछ की अनुमति के लिए शनिवार को न्यायालय में आवेदन किया था। इसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद वह जिला जेल पहुंचे। पूछताछ के दौरान दान की रकम के गबन, धन के लेन-देन, रकम के बंटवारे और अन्य संदिग्ध पहलुओं से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। जांच टीम आरोपियों के बयानों का मिलान अब तक एकत्र साक्ष्यों और दस्तावेजों से भी कर रही है।






