समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जन्मदिन के अवसर पर लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित समारोह उस समय विशेष बन गया, जब रामनगरी अयोध्या के संतों का एक प्रतिनिधिमंडल उन्हें शुभकामनाएं देने पहुंचा। अयोध्या के सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के महंत मनीराम दास जी के नेतृत्व में पहुंचे संतों ने अखिलेश यादव को रामनाम, हनुमानगढ़ी का प्रसाद और अंगवस्त्र भेंट कर जन्मदिन की हार्दिक बधाई दी।
कार्यक्रम के दौरान महंत मनीराम दास और अन्य संतों ने अखिलेश यादव के साथ जन्मदिन का केक काटा। पूरे समारोह में आध्यात्मिक और आत्मीय वातावरण देखने को मिला। संतों ने भगवान श्रीराम और संकटमोचन हनुमान जी से अखिलेश यादव के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सफल सार्वजनिक जीवन की कामना की।
इस अवसर पर संतों ने अपने आशीर्वचन में कहा कि “हनुमान जी महाराज की कृपा अखिलेश यादव पर सदैव बनी रहे और वर्ष 2027 में वे पुनः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा करें।” संतों ने इसे अपनी शुभकामना और आशीर्वाद बताते हुए कहा कि प्रदेश में शांति, सद्भाव और विकास का वातावरण बना रहे।
महंत मनीराम दास ने कहा कि जन्मदिन केवल व्यक्तिगत उत्सव नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण की प्रार्थना का भी अवसर होता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और हनुमान जी की कृपा से सभी जनप्रतिनिधि जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरें और प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े।
समारोह के दौरान समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी अखिलेश यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। संतों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और सौहार्दपूर्ण वातावरण में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में महंत मनीराम दास जी के साथ रमेश दास, निलेश दास, राहुल दास सहित अयोध्या के कई संत मौजूद रहे। जन्मदिन समारोह के बाद संतों का प्रतिनिधिमंडल पुनः रामनगरी अयोध्या के लिए रवाना हो गया।






