सजा पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि दोषी किसी अन्य आपराधिक मामले में शामिल नहीं रहा है, मुकदमे के दौरान वह लगातार न्यायिक हिरासत में रहा और उसके सुधार की संभावना भी है। साथ ही उसके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने माना कि यह मामला ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में नहीं आता। इसके बाद अदालत ने दोषी को हत्या के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई।







