प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड के जरिए एक बार फिर देश और दुनिया भर में बसे भारतीयों से संवाद कर रहे हैं। सुबह 11 बजे प्रसारित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर लोगों में खास उत्साह है। ‘मन की बात’ पिछले कई वर्षों से प्रधानमंत्री और आम जनता के बीच सीधे संवाद का एक अहम माध्यम बन चुका है।
कौन सी उपलब्धियों ने हर देशवासी को किया गौरवान्वित? पीएम मोदी ने बताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा कि इस महीने भारत ने कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन पर हर देशवासी को गर्व है। हाल ही में मुझे कोलकाता में नौसेना से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। वहां आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस संशोधक और आईएनएस अग्रय को भारतीय नौ-सेना के बेड़े में शामिल किया गया। इन जहाजों की डिजाइन और उत्पादन तक,सब कुछ स्वदेशी है।
पीएम मोदी ने आगे कहा जून के महीने में ही एविएशन में भी देश ने एक बड़ी सफलता पाई। सी-295, ये विमान मेड इन इंडिया है और सी-295 विमान ने अपनी पहली उड़ान पूरी की है, और ऐसे 40 विमान, भारत में ही बनाए जा रहे हैं। इससे एमएमएमई और एयरोस्पेस सेक्टर को नई शक्ति मिल रही है। रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ये सफलताएं देश की आत्मनिर्भर भारत की यात्रा को और मजबूत करती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत लगातार विभिन्न क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों को छू रहा है और देश के नागरिकों की मेहनत तथा नवाचार इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि देश की उपलब्धियां केवल सरकार की नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम हैं, जो भारत को तेजी से विकास की नई दिशा में आगे बढ़ा रही हैं।
सस्ती बीमा योजनाओं को पीएम मोदी ने क्यों बताया सुरक्षा कवच?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सस्ती बीमा योजनाएं देश के करोड़ों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के हर वर्ग तक सुरक्षा का कवच पहुंचाना है।
पीएम मोदी ने बताया कि ‘प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना’ के तहत केवल 20 रुपये के सालाना प्रीमियम पर दो लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि अब तक इस योजना से 58 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं, जो इसकी व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिवार को दो लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है। इस योजना का वार्षिक प्रीमियम केवल 436 रुपये है, यानी प्रतिदिन लगभग डेढ़ रुपये। पीएम मोदी ने बताया कि इस योजना से अब तक 27 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं जरूरत के समय परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान कर रही हैं।
पीएम मोदी ने हरगिला आर्मी की तारीफ क्यों की?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में असम की ‘हरगिला आर्मी’ और जीव-वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन के प्रयासों की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि असम में पाया जाने वाला दुर्लभ पक्षी ‘हरगिला’ प्रकृति को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन लंबे समय तक इसे अशुभ माना जाता था। कई लोग उन पेड़ों को भी काट देते थे, जिन पर इस पक्षी के घोंसले बने होते थे।
प्रधानमंत्री ने बताया कि जीव-वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन ने लोगों की इस सोच को बदलने का संकल्प लिया। उन्होंने महिलाओं और ग्रामीणों को वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर जागरूक किया। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में महिलाएं इस अभियान से जुड़ती गईं और एक बड़ा सामाजिक बदलाव शुरू हुआ।
पीएम मोदी ने कहा कि आज हजारों ग्रामीण महिलाएं ‘हरगिला’ पक्षी के संरक्षण के लिए काम कर रही हैं और उन्हें ‘हरगिला आर्मी’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं ने अंधविश्वास को पीछे छोड़ते हुए समाज को जागरूक किया और साबित किया कि सही जानकारी से वर्षों पुरानी सोच भी बदली जा सकती है।
क्या है हरगिला आर्मी?
- ‘हरगिला आर्मी’ असम की ग्रामीण महिलाओं का एक समूह है, जो दुर्लभ पक्षी ग्रेटर एडजुटेंट स्टॉर्क (हरगिला) के संरक्षण के लिए काम करता है।
- इस अभियान की शुरुआत जीव-वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन ने की थी। उन्होंने लोगों के बीच इस पक्षी को लेकर फैली अंधविश्वास और गलत धारणाओं को बदलने का प्रयास किया।
- पहले असम के कई इलाकों में हरगिला पक्षी को अशुभ माना जाता था। लोग इसके घोंसलों वाले पेड़ों को भी काट देते थे।
- पूर्णिमा देवी बर्मन ने गांव-गांव जाकर महिलाओं को जागरूक किया और उन्हें इस पक्षी के संरक्षण से जोड़ा।
- आज हजारों महिलाएं ‘हरगिला आर्मी’ का हिस्सा हैं और पक्षियों के घोंसलों की रक्षा, पेड़ों को बचाने तथा लोगों को जागरूक करने का काम कर रही हैं।
- इस अभियान की वजह से हरगिला पक्षी की संख्या में सुधार हुआ है और यह संरक्षण का एक सफल सामुदायिक मॉडल बनकर उभरा है।
पीएम मोदी ने नागालैंड की खेल पहल पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में नागालैंड की जमीनी स्तर की खेल पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘नागालैंड बेबी लीग’ और ‘नागालैंड विमेन फुटसल लीग’ युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने का बेहतरीन मंच प्रदान कर रही हैं। पीएम मोदी ने बताया कि ‘नागालैंड बेबी लीग’ की शुरुआत अधिक से अधिक बच्चों को फुटबॉल से जोड़ने के लिए की गई थी। इस लीग में 5 से 12 वर्ष तक के लड़के और लड़कियां हिस्सा ले सकते हैं। यह लीग अब तीन वर्ष पूरे कर चुकी है और इसका बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
प्रधानमंत्री ने ‘नागालैंड विमेन फुटसल लीग’ का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फुटसल को इंडोर फुटबॉल भी कहा जाता है, जिसमें एक टीम में केवल पांच खिलाड़ी होते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि यह लीग राज्य की बेटियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का शानदार अवसर दे रही है।
नालंदा विश्वविद्यालय पर क्या बोले पीएम मोदी?
- नालंदा विश्वविद्यालय ने ‘शास्त्रार्थ’ की भारत की प्राचीन परंपरा को फिर से जीवंत किया है।
- शास्त्रार्थ केवल अपनी बात रखने का माध्यम नहीं, बल्कि वाद-विवाद, संवाद और मंथन की एक अनुशासित प्रक्रिया है।
- शास्त्रार्थ में तर्क और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखना बेहद जरूरी होता है।
- यह परंपरा दूसरों के विचारों को धैर्यपूर्वक सुनने और समझने की सीख भी देती है।
- मुझे खुशी है कि नालंदा विश्वविद्यालय ने शास्त्रार्थ को अपने दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनाया है।
संस्कृत विश्वविद्यालय की नई पहल पर क्या बोले पीएम मोदी?
भारतीय संस्कृति के बढ़ते प्रभाव पर पीएम ने क्या उदाहरण दिया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में डोमिनिकन रिपब्लिक के ‘ब्रह्मकमल डोमिनिकाना’ समूह की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि यह पहल दुनिया भर में भारतीय संस्कृति और परंपराओं के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि स्पेनिश भाषी लोगों के इस समूह के सदस्य मिलकर वैदिक साहित्य का अध्ययन कर रहे हैं और वैदिक मंत्रों का उच्चारण भी सीख रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन लोगों ने किसी औपचारिक प्रशिक्षण के बिना केवल ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनकर वैदिक मंत्रों का सही उच्चारण सीखा है। आज वे पुरुष सूक्तम, श्री सूक्तम, श्री रुद्रम, दुर्गा सूक्तम और देवी महात्म्यम जैसे कई मंत्रों का सटीक जाप कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत से हजारों किलोमीटर दूर रहकर भारतीय परंपराओं को सीखने और आगे बढ़ाने का उनका प्रयास बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने ‘ब्रह्मकमल डोमिनिकाना’ के सभी सदस्यों को शुभकामनाएं भी दीं।
पीएम मोदी ने क्यों की मेघालय के रूट ब्रिजों की सराहना?
पीएम ने मेघालय के प्रसिद्ध लिविंग रूट ब्रिजों की सराहना करते हुए उन्हें प्रकृति और मानव के बीच सामंजस्य का अद्भुत उदाहरण बताया। पीएम मोदी ने कहा कि ये रूट ब्रिज कुछ दिनों या वर्षों में नहीं बनते, बल्कि इन्हें तैयार होने में कई दशक लग जाते हैं। रबर के पेड़ों की जड़ों को धीरे-धीरे दिशा देकर जलधाराओं के पार ले जाया जाता है और समय के साथ यही जड़ें मजबूत पुल का रूप ले लेती हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन पुलों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये जीवित पुल हैं और समय के साथ और अधिक मजबूत होते जाते हैं। उन्होंने बताया कि भारत ने मेघालय के रूट ब्रिजों को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन किया है।
पीएम मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण इन पुलों के सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन स्थानीय समुदाय इनके संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आज 120 से अधिक रूट ब्रिजों की देखभाल स्थानीय लोग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित हैली वार का भी उल्लेख किया, जिन्होंने 50 वर्षों से अधिक समय इन पुलों के संरक्षण को समर्पित किया है।
प्लास्टिक कचरे को कैसे इस्तेमाल कर रही हैं ये महिलाए? पीएम मोदी ने भी की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं की सराहना की, जो प्लास्टिक कचरे को इको-ब्रिक्स में बदलकर पर्यावरण संरक्षण का अनूठा उदाहरण पेश कर रही हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इन महिलाओं ने अपने आसपास फैले प्लास्टिक कचरे को हटाने का संकल्प लिया और बदलाव के लिए किसी का इंतजार करने के बजाय खुद पहल की।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इन महिलाओं ने शहर भर से प्लास्टिक कचरा और खाली बोतलें इकट्ठा करना शुरू किया। धीरे-धीरे यह अभियान बड़ा होता गया और एकत्रित प्लास्टिक को इको-ब्रिक्स में बदला जाने लगा। इन इको-ब्रिक्स का उपयोग शहर की सुंदरता बढ़ाने और अन्य उपयोगी कार्यों में किया जा रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में राजगढ़ में सैकड़ों किलोग्राम प्लास्टिक को रिसाइकिल कर उसका बेहतर उपयोग किया गया है। जो प्लास्टिक पहले प्रदूषण का कारण बनता था, वही अब शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री ने इस अभियान से जुड़ी सभी महिलाओं और सहयोगियों को बधाई दी।
गणेश उत्सव के लिए पीएम मोदी ने क्या संदेश दिया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देशवासियों से आगामी गणेश उत्सव के दौरान पर्यावरण के अनुकूल मिट्टी की मूर्तियां खरीदने और स्थानीय कुम्हारों व कलाकारों को प्रोत्साहित करने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि गणेश प्रतिमाओं को बनाने का काम काफी पहले शुरू हो जाता है और इस काम से जुड़े कारीगर अभी से तैयारियों में जुट जाते हैं।
प्रधानमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने घर, सोसायटी या आसपास स्थापित की जाने वाली गणपति बप्पा की मूर्तियां देश की मिट्टी से बनी और स्थानीय कलाकारों के हाथों तैयार की गई ही खरीदें। उन्होंने कहा कि मूर्ति खरीदते समय यह जरूर देखना चाहिए कि वह किस सामग्री से बनी है और कहां तैयार हुई है।
पीएम मोदी ने मूर्ति निर्माताओं से भी मिट्टी की प्रतिमाओं को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी मूर्तियां नहीं खरीदने की अपील करते हुए कहा कि मिट्टी की मूर्तियां विसर्जन के बाद आसानी से पानी में विलीन हो जाती हैं, जिससे नदियों, तालाबों और पर्यावरण की रक्षा होती है।





