ड्रग माफियाओं पर प्रहार: अमित शाह ने जारी किया नया रोडमैप, 6 हजार करोड़ के नशीले पदार्थ किए गए नष्ट

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देश में नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ केंद्र सरकार अपनी कार्रवाई को और तेज करने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक की की। इस दौरान उन्होंने ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’ जारी किया। इससे देश को ड्रग्स मुक्त बनाने के लिए अगले तीन वर्षों का रोडमैप तय किया गया। बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों के साथ विभिन्न जांच एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।

गृह मंत्रालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की ओर से आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देशभर में ड्रग तस्करी और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ चल रहे अभियानों की समीक्षा करना और उन्हें और मजबूत बनाना है। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों और ड्रग कानून लागू करने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। सरकार का कहना है कि ड्रग्स के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति को और प्रभावी बनाने के लिए सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

अमित शाह ने क्या कहा?

  • सभी संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों को एनसीबी की वार्षिक रिपोर्ट को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
  • अगले एक वर्ष में किसी भी सूचकांक (इंडिकेटर) में गिरावट नहीं आनी चाहिए।
  • हर मानक में उल्लेखनीय सुधार होना चाहिए और यह अगले वार्षिक रिपोर्ट में भी दिखाई देना चाहिए।
  • नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई खुफिया जानकारी (इंटेलिजेंस) आधारित होनी चाहिए।
  • ड्रग तस्करी से निपटने के लिए नेटवर्क-केंद्रित (नेटवर्क-सेंट्रिक) रणनीति के साथ आगे बढ़ना होगा।
  • नशे के कारोबार के खिलाफ लड़ाई में कठोर और निर्दयी रवैया अपनाना जरूरी है।
  • केवल सख्त और समन्वित कार्रवाई के जरिए ही इस चुनौती पर विजय हासिल की जा सकती है।
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नए विजन डॉक्यूमेंट में क्या खास?

  • ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’ में नशीले पदार्थों की मांग कम करने, तस्करी की सप्लाई चेन तोड़ने और नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही यह दस्तावेज आने वाले वर्षों में ड्रग्स के खिलाफ राष्ट्रीय रणनीति का आधार बनेगा।
  • विजन डॉक्यूमेंट में नई चुनौतियों से निपटने की रणनीति भी शामिल की गई है। इनमें सिंथेटिक ड्रग्स का बढ़ता इस्तेमाल और डार्कनेट के जरिए हो रही ड्रग तस्करी प्रमुख हैं। इसके अलावा, नशे से प्रभावित लोगों के लिए जागरूकता अभियान, इलाज की सुविधाएं और पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार किया गया है।

 

छह हजार करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ क्यों नष्ट किए?

गृह मंत्री ने इस दौरान ‘ऑनलाइन ड्रग डिस्पोजल फोर्टनाइट कैंपेन’ की भी शुरुआत की। इस अभियान के तहत देशभर में जब्त किए गए लगभग 2,09,500 किलोग्राम नशीले पदार्थों को कानूनी प्रक्रिया के तहत नष्ट किया। इन नशीले पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 6,000 करोड़ रुपये बताई गई है। सरकार का मानना है कि यह अभियान ड्रग तस्करी के नेटवर्क को कमजोर करने में अहम भूमिका निभाएगा।


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