देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। दिल्ली में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है, जबकि मुंबई और कोलकाता में तेज बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने अगले कुछ दिनों के दौरान कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। दूसरी ओर, मध्य और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी लू का असर बना हुआ है।
विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। अगले कुछ दिनों में (23 जून के आसपास) मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। मानसून की सक्रियता बढ़ने से देश के अधिकतर क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। पूर्वोत्तर भारत में अगले पांच दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।
मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में भी तेज वर्षा के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
मौसम विभाग ने पूर्वी भारत, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। कई राज्यों में बिजली गिरने की भी आशंका है। जम्मू-कश्मीर में ओलावृष्टि और पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी चल सकती है।
पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश अगले पांच दिनों तक लू से जूझेंगे
हालांकि बारिश के बीच देश के कुछ हिस्सों में गर्मी और लू का प्रकोप अभी खत्म नहीं हुआ है। विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक लू से लेकर भीषण लू चलने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिन और तेलंगाना में अगले दो दिन तक गर्म हवाओं का असर बना रह सकता है। शनिवार को मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, बिहार और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी लू दर्ज की गई। तापमान के मोर्चे पर उत्तर प्रदेश के बांदा और महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा। कई इलाकों में रात का तापमान भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी
मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, भूस्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने की चेतावनी दी है। वहीं लू प्रभावित इलाकों में लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। मछुआरों को भी अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी जारी की गई है।
चेरापूंजी में 47 सेंटीमीटर बारिश
बीते 24 घंटों में मेघालय के कुछ इलाकों में असाधारण रूप से भारी वर्षा दर्ज की गई। मावसिनराम में 53 सेंटीमीटर और चेरापूंजी में 47 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। सिक्किम और उत्तर बंगाल के कई क्षेत्रों में भी भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हुई। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
जून माह में शिमला की बुकिंग में 76 फीसदी का रिकॉर्ड उछाल
नई दिल्ली। बढ़ती गर्मी के बीच भारतीय पर्यटक बड़ी संख्या में पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। हॉस्पिटैलिटी चेन जोस्टेल की रिपोर्ट के अनुसार, इस जून में शिमला में बुकिंग में पिछले साल की तुलना में 76 फीसदी की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा श्रीनगर, तीर्थन घाटी और गंगटोक जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में 95 फीसदी तक का इजाफा देखा गया है। रिपोर्ट में अचानक यात्रा (स्पॉन्टेनियस ट्रैवल) के बढ़ते चलन को भी दिखाया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 48 फीसदी पर्यटक यात्रा से केवल तीन दिन पहले बुकिंग करना पसंद कर रहे हैं।
जोस्टेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अविरल गुप्ता ने बताया कि यात्री अब पहले से बुकिंग के बजाय कम समय में निर्णय लेने में सहज हैं। इसके साथ ही, अन्य होटल भी अप्रैल-जून के दौरान बुकिंग में 15-18 फीसदी की वृद्धि देखी गई है। अब पर्यटक शिमला जैसे लोकप्रिय स्थानों के साथ-साथ डोभी और करेरी जैसे कम जाने गए ठिकानों को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि इनमें 67 फीसदी पर्यटक गैर-मेट्रो शहरों से हैं।







