चमोली- बेस अस्पताल को लेकर सिमली में हुई महापंचायत, विधायक बोले-दो महीने में होगा शासनादेश

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सिमली में संचालित महिला बेस अस्पताल को पूर्ण बेस अस्पताल के रूप में संचालित करने की मांग को लेकर महापंचायत का आयोजन किया गयाा। इसमें विधानसभा के 60 से अधिक ग्राम पंचायतों के महिला मंगल दल अध्यक्ष, युवक मंगल दल और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। महापंचायत विधायक अनिल नौटियाल ने 15 अगस्त तक बेस अस्पताल का शासनादेश जारी होने की बात कही। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि बेस अस्पताल का शासनादेश और संचालन 15 अगस्त तक नहीं होता तो आंदोलन किया जाएगा।

सिमली बनातोली में मनीष डिमरी की अध्यक्षता में आयोजित महापंचायत में समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि वर्ष 2012 से समिति इस अस्पताल के लिए आंदोलन कर रही है। वर्ष 2024 में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने महिला अस्पताल को पूर्ण बेस अस्पताल का दर्जा दिए जाने की घोषणा की लेकिन आज तक धरातल पर नहीं उतरी। जिपंस विक्रम कठैत ने कहा कि बीडीसी से लेकर जिले के उच्च सदन मेंं यह मामला उठाया जा चुका है।

यहां तक तीन बार उन्होंने सीएम से मिलकर बेस अस्पताल के संचालन की मांग की है। महापंचायत में कपीरी संघर्ष समिति के अध्यक्ष खिलदेव रावत, छांतोली के सोहन सिंह, जस्यारा के नीलम जुयाल, बूंगा की पूर्व प्रधान संतोषी कनवासी, पूर्व प्रमुख राजेंद्र सगोई, यूकेडी के आशीष नेगी सहित कई महिलाओं ने बेस अस्पताल की स्वीकृति और संचालन की मांग रखी। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

 

वहीं विधायक ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बीते सात अप्रैल को विधानसभा की समीक्षा बैठक में यह मामला रखा गया। इसके बाद शासन ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है। आगामी तीन माह में सिमली बेस अस्पताल का शासनादेश जारी कर दिया जाएगा। हालांकि बाद में लोगों की मांग पर तीन माह के बजाए 15 अगस्त की तिथि नियत की गई।

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कार्यकारिणी का हुआ विस्तार
महापंचायत में समिति का विस्तार करते हुए नरेंद्र तोपाल शास्त्री, जस्यारा की प्रधान पुष्पा जुयाल और छांतोली ममंद अध्यक्ष सुनीता देवी को पदेन उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। इस मौके पर कोषाध्यक्ष एसपी बहुगुणा, सचिव प्रकाश सेमवाल, हेमंत टकोला, बीएन डिमरी, पृथ्वी सिंह, उमेश खंडूड़ी आदि मौजूद थे।


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