ओमान तट के पास एमटी जलवीर के इंजन रूम में लगी आग, सुरक्षित बचाए गए सभी भारतीय नाविक

ओमान के तट के पास गुरुवार को एमटी जलवीर टैंकर के इंजन रूम में आग लगने की घटना सामने आई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जहाज से धुआं निकलता देखा गया। इस टैंकर पर भारतीय क्रू मौजूद था। जहाज पर सवार सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। सूत्रों ने बताया कि एमटी जलवीर के इंजन रूम में आग लगी थी, जिसके कारण जहाज से धुआं निकल रहा था। यह घटना ओमान के तट के निकट हुई। जहाज पर मौजूद सभी भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।

 

यूकेएमटीओ ने सबसे पहले दी थी आग की सूचना
जहाजों की निगरानी करने वाली वेबसाइट मरीन ट्रैफिक के अनुसार, जलवीर एक टैंकर है, जो गिनी-बिसाऊ के ध्वज के तहत संचालित होता है। इसकी कुल लंबाई 119.95 मीटर और चौड़ाई 16.84 मीटर है। इससे पहले ब्रिटेन की समुद्री निगरानी एजेंसी यूकेएमटीओ ने गुरुवार को बताया था कि उसे ओमान के सोहार बंदरगाह शहर के निकट एक टैंकर में आग लगने की सूचना मिली है। हालांकि एजेंसी ने संबंधित जहाज का नाम नहीं बताया था।

 

यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने एक्स पर जारी एक पोस्ट में कहा कि स्थानीय अधिकारियों ने एक टैंकर के इंजन कक्ष में आग लगने की जानकारी दी है। एजेंसी ने कहा कि मामले की जांच जारी है और जहाजों को सतर्कता के साथ आवागमन करने की सलाह दी गई है। साथ ही बताया गया कि इस घटना का कोई पर्यावरणीय प्रभाव सामने नहीं आया है। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने इस घटना को लेकर एक्स पर लिखा कि एमटी जलवीर से क्रू को शिनास पोर्ट तक निकालने का काम ओमान की रॉयल नेवी की मदद से किया जा रहा है और यह जल्द ही पूरा हो जाएगा।

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खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी चिंता
इससे पहले ओमान के समुद्री क्षेत्र से आई इन ताजा घटनाओं से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट पलाऊ ध्वज वाले जहाज एमटी सेटेबेलो पर हमला हुआ था। उस जहाज पर 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से तीन की मौत हो गई थी। भारत ने बुधवार को खाड़ी क्षेत्र में व्यापारी जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की थी और संवाद तथा कूटनीति पर जोर दिया था। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरिश ने व्यापारी जहाजों पर हमलों की कड़ी निंदा की।

उन्होंने कहा कि वैश्विक समुद्री कार्यबल में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक कार्यरत हैं और ऐसे हमलों में भारतीय नागरिकों की जान गई है या वे लापता हुए हैं। उन्होंने कहा कि संघर्ष के बढ़ने और अन्य देशों तक फैलने से गंभीर चिंता पैदा हुई है। पी. हरिश ने कहा कि बढ़ती तबाही, मौतों तथा सामान्य जीवन और आर्थिक गतिविधियों के बाधित होने का भारत पर भी गहरा प्रभाव पड़ा है, क्योंकि भारत इस क्षेत्र का निकटवर्ती पड़ोसी है और क्षेत्र की सुरक्षा एवं स्थिरता में उसकी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।

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