दिल्ली से वापस लौटते ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सूबे की एनडीए सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला किया है। तेजस्वी यादव ने राज्य की चरमराती कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, नीट पेपर लीक और मंत्रियों के वेतन जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया।
खजाना खाली, बिहार में सिर्फ भ्रष्टाचार और अपराध का बोलबाला
तेजस्वी यादव ने कहा कि हमें पहले से ही पूरा भरोसा था कि सम्राट चौधरी चाहे किसी भी पद पर बैठ जाएं, उनके आचरण और सोच में कोई सकारात्मक बदलाव नहीं आने वाला। बिहार सरकार का खजाना पूरी तरह खाली हो चुका है। राज्य में विकास के सारे कार्य ठप हैं। चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार का बोलबाला है। अपराधी बेलगाम हो चुके हैं और आम जनता त्रस्त है।
नीट पेपर लीक और महिलाओं के मुद्दों पर उठाए सवाल
युवाओं और महिलाओं के अधिकारों की बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि देश और राज्य के युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। नीट जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षाओं के पेपर धड़ल्ले से लीक हो रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की माताओं और बहनों को सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता राशि अब तक नहीं दी गई है। यहाँ तक कि बिहार के मंत्रियों को भी समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। तेजस्वी यादव ने कहा कि इन सभी बुनियादी नाकामियों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ही भाजपा और सम्राट चौधरी नकारात्मक राजनीति का सहारा ले रहे हैं।
बंगले और सुरक्षा के विवाद पर तीखा पलटवार
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास 10 सर्कुलर रोड से सुरक्षा हटाए जाने और बंगले से जुड़े विवाद पर तेजस्वी यादव ने कहा कि राबड़ी देवी जी के दर्जे और सुरक्षा में वर्ष 2005 से लेकर अब तक कोई बदलाव नहीं हुआ था, लेकिन अचानक द्वेष भावना के तहत 10 नंबर बंगले की सुरक्षा को हटाया जा रहा है। अगर सरकार के पास बंगलों की इतनी ही कमी थी, तो जो बंगला हमारे पास था, वह दूसरे मंत्रियों को आवंटित क्यों नहीं कर दिया गया?
सम्राट चौधरी चीफ मिनिस्टर नहीं, चीप मिनिस्टर हैं
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर हमला करते हुए कहा कि वह चीफ मिनिस्टर नहीं, बल्कि अपनी संकीर्ण और द्वेषपूर्ण सोच के कारण चीप मिनिस्टर साबित हो रहे हैं। वे पूरी तरह से नकारात्मक राजनीति पर उतर आए हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि उनके और उनके परिवार के लिए सुरक्षा या बंगला कभी कोई बड़ा मुद्दा नहीं रहा है। वे सड़क पर उतरकर जनता के हक की लड़ाई लगातार लड़ते रहेंगे।









