हॉस्पिटल- संतोष हॉस्पिटल की इमरजेंसी में लगी आग, बमुश्किल बची मरीजों की जान

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गाजियाबाद के संतोष हॉस्पिटल की ओपीडी में मंगलवार की देर रात अचानक आग लग गई। इमरजेंसी में मौजूद चार मरीजों की बामुश्किल मुश्किल जान बचाई गई। मौके पर पहुंची सिहानी गेट पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने इमरजेंसी के शीशे तोड़कर सिलेंडर से निकली गैस को बाहर निकाला और फायर सेफ्टी सिस्टम से आग पर काबू पाया।

 

नाइट्रोजन के सिलेंडर लीक होने से लगी आग
सीएफओ राहुल पाल ने बताया कि संतोष अस्पताल की इमरजेंसी पेंडेंट के ऑक्सीजन और नाइट्रोजन के सिलेंडर लीक होने से सिलेंडर में आग लग गई। हॉस्पिटल प्रबंधन ने फायर सेफ्टी सिस्टम से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। हालांकि गैस लीक होने से आग बढ़ती गई। इमरजेंसी में मौजूद चार मरीजों को ट्राइसिकल से बाहर निकाला गया। सूचना पर एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद और सिहानी गेट पुलिस मौके पर पहुंची। टीम ने इमरजेंसी के शीशे तोड़कर गैस को बाहर निकाला और इमरजेंसी खाली कराई। समय रहते प्रबंधन और पुलिस ने सिलेंडर से निकली गैस और आग पर काबू पा लिया। बताया कि दो गाड़ी मौके पर भेजी गई थी। हालांकि इससे पूर्व ही आग पर काबू पा लिया गया।

 

अस्पताल से बाहर भागे मरीज
आग लगने का सायरन बजते ही मरीज और तीमारदार जान बचाने जद्दोजहद में अस्पताल से बहार निकल आये। तीमारदार अपने अपने मरीजों को लेकर सड़क और परिसर में पहुंचे। बागपत के गांव डालमपुर से आए चरण सिंह के परिजनों ने बताया कि उन्होंने गंभीर हालत में मंगलवार की शाम ही वृद्ध चरण सिंह को स्वास लेने की दिक्कत होने पर भर्ती कराया था। आग लगने की सूचना पर उन्हें इमरजेंसी से लेकर दौड़े। 

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हाइड्रेंट सिस्टम मिला खराब
सीएफओ ने बताया कि एंजेसी का हाइड्रेंट सिस्टम पूर्ण रूप से कार्य नहीं कर रहा था। सिस्टम के लॉक और पाइप में जंक लगा था। आग बढ़ जाती तो बड़ा हादसा होने की आशंका थी। अपस्ताल प्रबंधन को नोटिस भेजा जाएगा। 

 

संतोष हॉस्पिटल की इमरजेंसी में देर शाम करीब 10 बजे आग लगने की सूचना मिली थी मरीजों को सकुशल बचा लिया गया है। इमरजेंसी के शीशे तोड़कर गैस को बाहर निकाला गया। फायर सेफ्टी सिस्टम से आग पर पुलिस ने ही काबू पा लिया था। दमकल विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी है।


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