Sourav Ganguly-: सौरव गांगुली की सुरक्षा में कटौती, ‘Z’ कैटेगरी से ‘Y’ में किया गया डाउनग्रेड

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पूर्व भारतीय कप्तान और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (सीएबी) के अध्यक्ष सौरव गांगुली की सुरक्षा व्यवस्था में कटौती की गई है। उनकी सुरक्षा को Z (जेड) कैटेगरी से घटाकर Y (वाई) कैटेगरी कर दिया गया है। गांगुली को पिछले कुछ वर्षों से जेड श्रेणी की सुरक्षा दी जा रही थी। हालांकि, हालिया सुरक्षा समीक्षा के बाद राज्य प्रशासन ने उनकी सुरक्षा श्रेणी में बदलाव करने का फैसला लिया है।

 

भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली चेहरों में शामिल
सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाते हैं। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नई पहचान बनाई और कई युवा खिलाड़ियों को अवसर मिला। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी वह क्रिकेट प्रशासन में सक्रिय रहे हैं। मौजूदा समय में गांगुली क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (सीएबी) के अध्यक्ष हैं और खेल जगत की प्रमुख हस्तियों में उनकी गिनती होती है।
राज्य में बदले राजनीतिक समीकरणों से की जा रही तुलना
सरकार के इस कदम को राज्य में बदले राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सौरव को वर्ष 2023 में तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार ने जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की थी। उस समय उनकी सुरक्षा में 30 से 35 पुलिसकर्मी तैनात रहते थे, जबकि उनके काफिले के साथ पायलट वाहन भी चलता था। नई व्यवस्था के तहत सुरक्षा कर्मियों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आएगी। राज्य में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं व्यक्तियों को अतिरिक्त सुरक्षा दी जाएगी, जिनके लिए वास्तविक सुरक्षा खतरे का आकलन किया गया हो। इसी नीति के तहत पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सांसद अभिषेक बनर्जी और कई अन्य नेताओं तथा पूर्व अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई है।
सौरव ने सक्रिय राजनीति में आने से दूरी बनाए रखी
सौरव गांगुली का नाम लंबे समय से बंगाल और राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय रहा है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी उन्हें अपने प्रमुख चेहरे के रूप में सामने लाना चाहती थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके आवास पर मुलाकात भी की थी, लेकिन सौरव ने सक्रिय राजनीति में आने से दूरी बनाए रखी। इसके बावजूद भाजपा और सौरव के बीच संवाद बना रहा। वर्ष 2023 में उन्हें त्रिपुरा का ब्रांड एंबेसडर भी बनाया गया था।
गांगुली की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है
दूसरी ओर, सौरव ने ममता बनर्जी के साथ भी अच्छे संबंध बनाए रखे। ममता के स्पेन दौरे में वह उनके साथ गए थे और राज्य में औद्योगिक निवेश से जुड़े कार्यक्रमों में भी शामिल हुए थे। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि भाजपा और तृणमूल दोनों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने की उनकी रणनीति अब नए राजनीतिक माहौल में अलग नजरिये से देखी जा रही है। हालांकि सुरक्षा में कटौती पर सौरव गांगुली की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन राज्य सरकार के इस फैसले ने बंगाल की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

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